ग्राम पंचायत डवलपमेंट प्लान से पंचायत विकास नियोजन होगा सुदृृढ़

bikaner samacharबीकानेर, 9 सितम्बर। जिला कलक्टर वेदप्रकाश ने कहा कि ग्राम पंचायत डवलपमेंट प्लान (जीपीडीपी), पंचायत विकास नियोजन को सुदृृढ़ करने की नई पहल है।
जिला कलक्टर शुक्रवार को कलेक्ट्रट सभागार में आयोजित ग्राम पंचायत डवलपमेंट प्लान के क्रियान्वयन संबंधी बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत द्वारा ग्रामसभा की राय से विकास आवश्यकताओं को चिन्हित कर, जीपीडीपी बनाया जाएगा। इसकी मुख्य प्राथमिकताओं के तहत गरीबी उन्मूलन, मानव विकास, सामाजिक विकास के साथ आर्थिक, पर्यावरण व जनसुविधाओं का बेहतर विकास करते हुए, ‘‘गुड गवर्नेंस’’के सरोकार को साकार करना है। उन्होंने बताया कि जीपीडीपी को भारत सरकार द्वारा 1 अप्रैल 2016 से पूरे देश में ‘‘ योजना बनाओ अभियान’’ के रूप में लागू किया गया है। राजस्थान में ग्राम पंचायत डवलपमेंट प्लान का नाम ‘‘आपणी योजना आपणो विकास’’ रखा गया है।
ये हैं प्रमुख उद्देश्य- वेदप्रकाश ने कहा कि जीपीडीपी के तहत स्थानीय विकास आवश्यकताओं को प्राथमिकताबद्ध कर, उन्हें पूरा करना प्रमुख उद्देश्य है। साथ ही ग्रामसभा द्वारा पारित विकास प्रस्तावों की पूर्ति हेतु पंचायत को उपलब्ध अनुदानों एवं योजनागत विकास राशि के समावेशन पर बल दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जीपीडीपी के तहत स्थानीय शासन में जनभागीदारी बढ़ाने व ग्रामसभाओं को सक्रिय बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। नागरिक सेवाओं की बेहतर उपलब्धता हेतु पंचायतों की जवाबदेही बढ़ाई जाएगी एवं सामाजिक अंकेक्षण व पंचायत लेखों के नियमित ऑडिट पर बल दिया जाएगा।
जिला कलक्टर ने कहा कि ग्राम पंचायत को अपना वार्षिक विकास प्लान बनाने हेतु विभिन्न वित्तीय स्त्रोतों को शामिल करते हुए, पंचायत को हर वर्ष मिलने वाली अनुमानित विकास राशि को वित्तीय सीलिंग के रूप में बताना होगा। जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि सभी विभागीय अधिकारी अपने-अपने विभागों का एक्शन प्लान बनाकर, उसे निर्धारित फॉर्मेट में 2 अक्टूबर से पूर्व प्रस्तुत कर दें।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी नरेन्द्र सिंह पुरोहित, उप वन संरक्षक डॉ.शलभ कुमार, जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक आर के सेठिया, सीपीओ सुरेन्द्र श्रीमाली सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
—–
जिला स्तरीय कौशल एवं आजीविका विकास समिति की बैठक आयोजित
बीकानेर, 9 सितम्बर। जिला कलक्टर वेदप्रकाश की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रट सभागार में जिला स्तरीय कौशल एवं आजीविका विकास समिति की बैठक आयोजित की गई।
जिला कलक्टर ने कहा कि राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम (आरएसएलडीसी) के आवासीय प्रशिक्षण केन्द्रों में प्रशिक्षण सहित सभी व्यवस्थाएं दुरूस्त रहें, इसके लिए इन केन्द्रों का औचक निरीक्षण किया जाए। बैठक में बताया गया कि आरएसएलडीसी के विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के तहत अब तक कुल 2 हजार 155 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है व वर्तमान में पांच केन्द्रों पर 265 युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। रोजगार विभाग के सहायक निदेशक ने बताया कि मासिक कौशल,रोजगार एवं उद्यमिता शिविरों में नवम्बर 2015 से अगस्त 2016 माह तक 7 हजार 485 युवाओं को लाभान्वित किया जा चुका है। इस पर जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि अब तक प्रशिक्षण प्राप्त युवाआंे में से कितने युवाओं को रोजगार मिला है, इसकी सूचना दी जाए, साथ ही नियोजित हुए युवाओं का फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए।
जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि आरएसएलडीसी के विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए बरसिंहसर के सरकारी स्कूल का भवन अस्थाई रूप से आवंटित किए जाने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) से तत्काल संपर्क किया जाए, जिससे यहां प्रशिक्षण कार्यक्रम शीघ्र ही शुरू किए जाएं। आरएलएलडीसी के जिला प्रबंधक ने बताया कि यहां श्री बालाजी शिक्षण संस्थान द्वारा ईएलएसटीपी योजना के तहत प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि राजकीय आईटीआई के प्राचार्य ने संस्थान के माध्यम से इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रोनिक्स, फेब्रिकेशन व वेल्डिंग के प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की सहमति प्रदान की है।
इस अवसर पर जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक आर. के. सेठिया, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक एल. डी. पंवार, सहायक निदेशक (रोजगार कार्यालय) जी. पी. वर्मा, आरएलएलडीसी के जिला प्रबंधक अशोक सांगवान आदि मौजूद थे।
—–
डॉ. रामप्रताप 12सितम्बर को करेंगे जनसुनवाई
बीकानेर, 9 सितम्बर। जिला प्रभारी व जल संसाधन मंत्राी डा. रामप्रताप 12 सितम्बर को अपराह्न 2.30 बजे कोलायत में उपनिवेशन तहसील परिसर में जिला स्तरीय जन सुनवाई करेंगे।
——
11सितम्बर को श्रीडूंगरगढ़ आएंगे रिणवां
बीकानेर, 9 सितम्बर। वन, पर्यावरण एवं खान विभाग मंत्राी राजकुमार रिणवां 11 सितम्बर को श्रीडूंगरगढ़ के दौरे पर रहेंगे। वे 11 बजे रतनगढ़ से रवाना होकर 12.15 बजे श्रीडूंगरगढ़ पहुंचेंगे। यहां वे सिद्ध समाज सम्मेलन समारोह में भग लेंगे और 3 बजे सड़क मार्ग से रतनगढ़ के लिए प्रस्थान करेंगे।
—-
भावी पीढ़ी तक संस्कार पहुंचाएं शिक्षक-डॉ. मेघवाल
बीकानेर, 9 सितम्बर। संसदीय सचिव डॉ विश्वनाथ मेघवाल ने कहा कि समाज में शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। शिक्षक विद्यार्थी को सुसंस्कारित बनाता है और उसके सुनहरे भविष्य के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करता है।
डॉ. मेघवाल शुक्रवार को विश्नोई धर्मशाला में राजस्थान प्रबोधक संघ के जिला स्तरीय सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रबोधकों की प्रत्येक वाजिब मांग को सरकार के समक्ष रखा जाएगा तथा उनके निस्तारण के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा विद्यालयों में आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने, विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक कार्य किए जा रहे हैं। अध्यापक अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक शिक्षा भी दें। उन्होंने कहा कि हमारे देश में आदिकाल से गुरूवंदना को विशेष महत्व दिया गया है। भावी पीढ़ी तक ये संस्कार पहुंचंे इसके लिए शिक्षकों को पूर्ण निष्ठा और लगन के साथ कर्तव्य पथ पर बढ़ना होगा।
इस दौरान प्रबोधक संघ ने संसदीय सचिव के समक्ष 11 सूत्राी मांग पत्रा रखा। संसदीय सचिव ने कहा कि वे प्रबोधकों की समस्याओं के समाधान के लिए सदैव संकल्पबद्ध हैं तथा शिक्षामंत्राी को भी इससे अवगत करवाया जाएगा। इस अवसर पर उपनिदेशक माध्यमिक शिक्षा ओमप्रकाश सारस्वत, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक हेमेन्द्र उपाध्याय, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारम्भिक रामावतार व्यास सहित विभिन्न अधिकारी उपस्थित थे।
—-
16 सितम्बर को मनाया जाएगा ओजोन संरक्षण दिवस
बीकानेर, 9 सितम्बर। ओजोन परत के संरक्षण के प्रति आम जन में जागरूकता पैदा करने के लिए 16 सितम्बर को ओजोन संरक्षण दिवस मनाया जाएगा। अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर) सुरेश कुमार नवल ने बताया कि इस अवसर पर स्वयंसेवी संगठनों, विद्यालयों, महाविद्यालयों आदि के सहयोग से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
नवल ने बताया कि इस वर्ष आयोजन की थीम ओजोन एंड क्लामेट- रिस्टोर्ड बाई ए वर्ल्ड यूनाइटेड रखी गई है। इन कार्यक्रमों के लिए आरएसपीसीबी की ओर से 50 हजार रूपये का बजट आवंटित किया गया है। आयोजित किए गए कार्यक्रमों की रिपोर्ट 30 सितम्बर तक अतिरिक्त सचिव, पर्यावरण विभाग जयपुर को भिजवानी होगी।
—–
20 सूत्राी कार्यक्रम की बैठक 20 सितम्बर को
बीकानेर,9 सितम्बर। 20 सूत्राी कार्यक्रम की द्वितीय स्तरीय बैठक 20 सितम्बर को प्रातः 11 बजे से जिला कलक्टर कार्यालय के सभा कक्ष में जिला कलक्टर वेदप्रकाश की अध्यक्षता में आयोजित की जाएगी।
—-
नगरीय विकास करदाताओं को विशेष छूट
बीकानेर, 9 सितम्बर। नगर निगम चालू वित्तीय वर्ष में नगरीय विकास कर देने वाले सभी करदाताओं की बकाया राशि 30 सितम्बर तक जमा करवाने पर 5 प्रतिशत की छूट देगा तथा ऐसी सम्पतियां जिनका स्वामित्व महिलाओं के नाम पर है, उन्हें कर में 10 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
नगर निगम आयुक्त राकेश जायसवाल ने बताया कि राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 की धारा 102 के तहत यह छूट पूर्व (30 सितम्बर तक) जमा कराये जाने वाली कर राशि की छूट से अतिरिक्त होगी। यह समस्त छूट सिर्फ चालू वितीय वर्ष की बकाया राशि होने एवं उसे जमा करवाने पर ही देय है।
—–
विशेष आलेख
मुख्यमंत्राी विशेषयोग्यजन स्वरोजगार योजना से मिल रहा संबल
-शरद केवलिया
राज्य सरकार द्वारा राज्य के विशेषयोग्यजनों के सर्वांगीण विकास के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। वे आत्मनिर्भर बन सकें, इसके लिये उन्हंे सम्बल प्रदान कर आर्थिक रूप से पुनर्वासित कराने की राज्य सरकार की मंशा रही है। राज्य सरकार द्वारा विशेषयोग्यजन को लाभांवित करने एवं उन्हें आर्थिक राशि व अनुदान प्रदान करने हेतु मुख्यमंत्राी विशेष योग्यजन स्वरोजगार योजना संचालित की जा रही है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक एल डी पंवार ने बताया कि जिले में मुख्यमंत्राी विशेष योग्यजन स्वरोजगार योजना के तहत वर्ष 2015-16 में 98 विशेष योग्यजन को 32.34 लाख रूपए की राशि दी गई तथा वर्ष 2016-17 में अब तक 53 विशेष योग्यजन को 18.70 लाख रूपए की राशि प्रदान कर उन्हें लाभान्वित किया गया है।
योजना- इस योजना के अन्तर्गत विशेष योग्यजन को 5 लाख रूपए लागत तक की स्वयं की (मानसिक विमंदित के मामले में संरक्षक के माध्यम से) स्वरोजगार गतिविधि (कुल 60 व्यवसाय) प्रारम्भ करने के लिये ऋण व अनुदान दिया जाता है। स्वरोजगार गतिविधि या व्यवसाय स्थापित करने की कुल लागत राशि की 50 प्रतिशत राशि, अधिकतम 50 हजार रूपये तक अनुदान (दो समान किश्तों में) के रूप में व शेष राशि राष्ट्रीयकृत बैंक व स्थानीय सहकारी बैंक, वित्तीय संस्थान से उपलब्ध करवाई जाती है। विशेषयोग्यजन को विभाग द्वारा अनुदान (सब्सिडी दो समान किश्तांे में), बैंक से ऋण के रूप में उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके साथ ही ऋण राशि का भुगतान तय समय पर करने पर ब्याज दर में पांच प्रतिशत की विशेष छूट भी प्रदान की जाती है।
पात्राता- आवेदक, निःशक्त व्यक्ति अधिनियम, 1995 के प्रावधानों के अनुसार विशेषयोग्यजन होे, जिसकी विकलांगता का प्रतिशत 40 या अधिक होना चाहिये। आवेदन राजस्थान का मूल निवासी हो, उसकी आयु कम से कम 18 वर्ष एवं अधिकतम 55 वर्ष हो। आवेदक के परिवार की समस्त स्त्रोतों से वार्षिक आय 2 लाख रूपये से अधिक न हो। आवेदक द्वारा पूर्व मंे कियोस्क योजना या अन्य किसी भी योजना मंे स्वरोजगार व्यवसाय योजना अन्तर्गत सब्सीडी आदि का लाभ नहीं लिया गया हो। उस पर किसी भी बैंक, सहकारी अथवा अर्द्धसरकारी संस्था का अवधि पार ऋण बकाया नहीं हो। उसका निःशक्तता परिचय पत्रा व पासबुक बनी हुई होनी चाहिये।
-सहायक जनसम्पर्क अधिकारी,बीकानेर

error: Content is protected !!