महिला कांग्रेस ने थाली बजाकर किया प्रदर्षन

img-20170109-wa0189फ़िरोज़ खान,बारां
,बारां 09 जनवरी। जिला महिला कांग्रेस कमेटी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लागू की गई नोटबंदी के कारण सम्पूर्ण भारत में आमजन, किसान, मजदूर, व्यापारी आदि को हो रही परेशानियों के विरोध में भाजपा सरकार को जगाने एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भ्रष्टाचार के आरोप की निष्पक्ष जांच व नोटबंदी से हुए नुकसान की भरपाई की मांग को लेकर थाली चम्मच बजाकर धरना प्रदर्शन करते हुए सोमवार को जिला कलेक्टेेªट कार्यालय पर प्रदर्षन करते हुए ज्ञापन दिया। कार्यक्रम का संचालन नगर अध्यक्ष रितु जैन द्वारा किया गया।

महिला जिलाध्यक्ष नाहिदा बेगम ने बताया कि सोमवार को महिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में सैकडों महिला कांग्रेस जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों सहित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्टेªट पर थाली चम्मच के साथ प्रदर्षन करते हुए जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा।

धरने को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक श्रीमती निर्मला सहरिया ने कहा कि नोटबंदी से महिलाओं को सबसे ज्यादा चोट पहुंची है। नोटबंदी भारत के गरीब, किसानों, मजदूरों, दुकानदारों, मध्यम वर्ग तथा छोटे कारोबारियों पर एक सर्जिकल स्ट्राइक है। 8 नवंबर 2016 को देष की 86 फीसदी करेंसी को बंद करके नरेन्द्र मोदी ने एक प्रतिषत कालाधनधारकों को पकडने के लिए 99 प्रतिषत ईमानदार, मेहनतकष भारतीयों पर मुसीबतों का पहाड तोड़ दिया। भारत में तरक्की का पहिया जाम हो गया है और पूरे देष में आर्थिक अराजकता छा गई है। नोटबंदी भारत के इतिहास का सबसे बडा घोटाला साबित हुआ है। नोटबंदी के दिन कोलकत्ता बैंक में भाजपा के खाता सं. 554510034 में 500 और 1000 रूपए के नोटों में 3 करोड रूपए जमा किए गए। बार-बार मांग उठाए जाने के बाद भी भाजपा और आरएसएस ने 1 मार्च 2016 से 8 नवम्बर 2016 के बीच देषभर में अपने खातों में जमा किए गए पैसे की जानकारी जनता के सामने नही रखी। नोटबंदी से ठीक पहले भाजपा और आरएसएस ने पूरे देश में सैकड़ांे करोड रूपए की सम्पत्तियां खरीदी है।

धरने को संबोधित करते हुए पूर्व महिला जिलाध्यक्ष नाहिदा बेगम ने कहा कि देश की 125 करोड़ जनता की ओर से कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग की गई। कांग्रेसजनों द्वारा नोटबंदी के चलते हुए भारी नुकसान के षिकार लोगों को मुआवजा दिए जाने की मांग की। धरने को इन्द्रा शर्मा, पलायथा सरपंच प्रियंका नंदवाना, षिमला बैरवा आदि ने भी संबोधित किया।

नाहिदा बेगम ने बताया कि जिला कलक्टर को प्रस्तुत ज्ञापन में बैंक से पैसा निकालने की पाबंदी को फौरन हटाने और 8 नवम्बर से पैसा निकालने की तारीख तक सभी बैंक खाताधारकों को 18 प्रतिशत ब्याज देने, केशलेस लेन-देन पर कमीषन बंद करने, भोजन के अधिकार के तहत दिए जाने वाले राषन की कीमत को एक साल के लिए आधा किए जाने, किसानों को रबी की फसलों में एमएसपी पर बीस प्रतिषत बोनस देने की मांग की गई ताकि नोटबंदी से हुए नुकसान की भरपाई हो सके। रितु जैन ने बताया कि नोटबंदी से महिलाओं को सबसे ज्यादा चोट पहुंची है। कम से कम बीपीएल परिवार की एक महिला के खातें में 25 हजार रूपए जमा कराए जाने की मांग ज्ञापन में की गई। एक साल के लिए मनरेगा मजदूरों के काम के दिन और दिहाडी दोगुनी किए जाने की मांग की गई। इसके साथ ही एक विषेष अभियान के तहत नोटबंदी से बेरोजगार हुए मजदूरों को 8 नवंबर 2016 से 31 मार्च 2017 तक मिनिमम वेज के बराबर बेरोजगारी भत्ता दिए जाने की मांग की गई। छोटे दुकानदारों व उद्योगों को इंकमटेक्स व सेल्सटेक्स में एक साल तक 50 प्रतिषत की छूट दिए जाने की मांग की गई। सेलटेक्स छूट से राज्यों को होने वाले नुकसान का भुगतान मोदी सरकार द्वारा किए जाने की मांग की गई। कार्यक्रम का संचालन नगर अध्यक्ष रितु जैन द्वारा किया गया।

आज जिला कलेक्टेªट पर धरना प्रदर्षन के दौरान जिलाध्यक्ष पानाचंद मेघवाल, जिला महासचिव कैलाष जैन, महिला उपाध्यक्ष उर्मिला बैरवा, कमलाबाई यादव, ब्लाॅक अध्यक्ष महिला कांग्रेस भारती नागर, उषा नागर, अंजू कलवार, ममता मेरोठा, सेवादल की संध्या जाडेजा, वंदना, पार्षद पूजा वर्मा, छात्र संघ अध्यक्ष अदिति शर्मा, अक्षिता, रितु नागर, दिव्या नागर, पूनम यादव, संगीता बैरवा, ममता, जिपस षिमला बैरवा, सावित्री शाक्यवाल, लीलाबाई, संतोषबाई, विमलाबाई, निर्मलाबाई, सरोज, राजेष, रूकमणीबाई सहित सैकडों कांग्रेसजनों ने भाग लिया।

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