रियलिटी शो पर कुछ नहीं कहना, म्यूजिक अकादमी से तराशेंगे संगीत-प्रतिभाएं

टीवी धारावाहिक भगवान श्रीविश्वकर्मा का गीत रिलीज किया

हेमलता व गौरीशंकर मधुकर
हेमलता व गौरीशंकर मधुकर
बीकानेर 23/4/17 (मोहन थानवी)। चितचोर फेम पार्श्व गायिका हेमलता ने कहा है कि संगीत हमारी संस्कृति का अंग रहा है, परम्पराओं के निर्वहन में हम गीत-संगीत की महत्ता को नजरअंदाज नहीं कर सकते। इसमें भी क्लासिकल गीतों की अपनी जगह है। गरजत बरसत सावन आयो रे… और जोगी जी धीरे धीरे जोगी जोगी जैसे माटी की गंध से सराबोर और क्लासिकल गीतों को अपने समय में श्रोताओं ने जो प्यार दिया है उससे अधिक प्यार वर्तमान समय के श्रोता क्लासिकल गीतों को दे रहे हैं। हेमलता यहां भगवान श्रीविश्वकर्मा पर पहली बार बनने वाले 52 कड़ियों के टीवी धारावाहिक के एलबम को रवीन्द्र रंगमंच पर समारोह में रिलीज करने पहुंची, इस मौके पर एबीसीडी स्टूडियो मुंबई द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि वे रियलिटी शो पर कुछ नहीं कहना चाहती, हां वे किसी बिजनेस शो की बजाय प्रतिभाओं को संगीत अकादमी के माध्यम से मंच उपलब्ध करवाना उचित समझती हैं। अपनी संगीत-सेवा यात्रा के आरंभिक दिनों के संस्मरण साझा करते हुए हेमलता ने कहा कि करीब 14 वर्ष की आयु में उन्होंने चूरू, राजलदेसर, सरदारशहर सहित चार जगह गीतों को स्वर दिया और तब से आरंभ हुई यात्रा अनवरत जारी है, हां इस बीच वे अच्छा ऑफर मिलने पर अमेरिका भी प्रवास पर रहीं। फिल्मी गीतों के सफर को रेखांकित करते हुए हेमलता ने बताया कि उनके पहले दो गीत एक ही दिन रिकॉर्ड हुए, एक गीत एक फूल एक बूंद फिल्म के लिए उषा खन्ना के निर्देशन में एवं एक अन्य गीत ले चल मेरे जीवन साथी… कल्याणजी आनंद के निर्देशन में मुकेश जी के साथ। राजस्थान से अपने संबंधों को बताते हुए कहा कि जयपुर से बीकानेर यात्रा के दौरान अपने पैतृक गांव रतनगढ़ की माटी पर कुछ देर ठहरकर फिजां में अपने पुरखों की गंध पाना उन्हें भावुक कर गया। हेमलता ने राजस्थानी भाषा में बालिका शिक्षा के प्रति समाज को जागरूकता का संदेश देते हुए अपने समय के लोगों की मानसिकता को कुछ इस तरह बयान किया, ‘‘छोरी ने अेकली स्कूल विस्कूल ना जावण दो, जागण-चौकी मंे भजन, गाणा वाणा ना गावण द्यो, बडी होण लागरी है जल्दी परणा दो’’। उन्होंने कहा कि समाज जागरूक हुआ है लेकिन अभी और शिक्षा एवं जागरूकता होना जरूरी है। प्रेस वार्ता के दौरान भगवान श्रीविश्वकर्मा धारावाहिक के गीतकार कवि गौरीशंकर मधुकर, धारावाहिक के निर्देशक तथा स्टूडियो एबीसीडी के चेयरमैन सखा मित्र अश्वनी, फिल्मी दुनिया में प्रॉडेक्शन के क्षेत्र में जाने माने दिलीप सेन मौजूद थे।
थानवी ने हेमलता को राजस्थानी उपन्यास भेंट किया
बीकानेर 23/4/17। चितचोर फेम पार्श्व गायिका हेमलता के पहली बार बीकानेर आगमन पर राजस्थानी, हिन्दी, सिन्धी उपन्यासकार एवं नाटककार मोहन थानवी ने उन्हें अपना राजस्थानी उपन्यास कुसुम संतो की प्रति भेंट की। हेमलता ने राजस्थानी में बातचीत करते हुए थानवी से उपन्यास के कथानक की जानकारी ली और बताए जाने पर उपन्यास के ठेठ राजस्थानी ग्रामीण इलाकों के प्रौढ़ावस्था के नायक एवं अधेड़ विधवा के पुनर्विवाह विषयक कलेवर को सराहा। हेमलता एबीसीडी स्टूडियों के 52 कड़ियों के धारावाहिक भगवान श्रीविश्वकर्मा के गीतों के एलबम को रिलीज करने के लिए बीकानेर आईं। एलबम के गीत बीकानेर के जाने माने कवि गौरीशंकर मधुकर ने लिखे हैं।

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