उषा किरण सोनी की दो कृतियों का लोकार्पण व डॉ. कृष्णा आचार्य का सम्मान

DSC_4455बीकानेर 12/6/17 । सृजनात्मक पोजीटीविटी ही साहित्य को कालजयी बनाती है । जब हम काल की संवेदना को साहित्य में चित्रित व अभिव्यक्त करते हैं, तभी वह लोकोपयोगी हो सकता है । ये विचार ज्ञान फाउण्डेशन ट्रस्ट और स्वामी कृष्णानंद फाउण्डेशन द्वारा रविवार को होटल ढोला मारू सभागार में आयोजित पुस्तक लोकार्पण एवं प्रतिभा सम्मान समारोह में अध्यक्षीय उद्बोधन करते हुए समालोचक मालचंद तिवाड़ी ने व्यक्त किए । डॉ. उषा किरण सोनी की सद्य प्रकाशित कृतियों को लोकार्पित करते हुए तिवाड़ी ने अनेक साहित्यिक प्रसंगों का जिक्र करते हुए कहा कि विधागत सीमाओं व बंदिशों को जानना, समझना और फिर रचना आज बेहद जरूरी हो गया है । मुख्य अतिथि के रूप में उद्बोधन देते हुए कवि-समालोचक डॉ. आशाराम भार्गव ने हिन्दी के समकालीन सृजन मूल्यों के तहत डॉ. उषाकिरण सोनी की लोकार्पित कृतियों को जनमानस की भावना व अपेक्षा के अनुरूप होना बताया । उन्होंने कहा कि समय की सत्ता साहित्यिक मूल्यों को प्रभावित करती रही है परन्तु जो सर्जक इन तात्कालिक मूल्यों व स्थितियों को स्वयं पर हावी नहीं होने देता, वह ही आम जन में निरपेक्ष रचनाकार के रूप में प्रशंसित होता है ।
कवि-कथाकार रवि पुरोहित ने इस अवसर पर कहा कि फुलवाड़ी चाहे किसी की हो पर यह खुशबू सभी को देती है, ठीक उसी प्रकार सात्विक व सकारात्मक सृजन संस्कार निर्माण का कार्य करता व पीढियों को प्रभावित करता है । पुरोहित ने कहा कि जब तक हम नव-कौंपल को पोशित नहीं करेंगे, वृक्ष हरियल नहीं हो सकता । कृष्णानंद फाउण्डैशन के अध्यक्ष हिंगलाजदान रतनू ने स्वागत भाशण करते हुए दोनों ट्रस्टों की सहधर्मिता को रेखांकित किया । लोकार्पित कृति ‘घरौंदा’ पर पत्रवाचन डॉ. कृष्ण कुमार आशु ने किया। निबंध कृति ‘अक्षर से अक्षर तक’ पर पत्रवाचन रेणुका व्यास ने किया। इससे पूर्व डॉ. उषाकिरण सोनी ने अपनी रचना प्रक्रिया और लोकार्पित कृतियांं की मनःस्थितियों को साझा किया । संचालन ज्योतिप्रकाश रंगा व आभार ज्ञापन जयचंदलाल सोनी ने किया । समारोह में अनेक बुद्धिजीवि उपस्थित रहे ।
इनका हुआ सम्मान – आचार्य तुलसी के साहित्य में नारी चेतना विशयक शोध के लिए ज्ञान फाउण्डेशन द्वारा डॉ. कृष्णा आचार्य को सम्मान-पत्र, श्रीफल, शॉल व ग्यारह हजार रुपये की नगद राशि अर्पित की गई । साहित्यिक नवाचार के लिए गायत्री प्रकाशन की प्रबंधिका गायत्री शर्मा को 5100 रुपये की पुरस्कार राषि से समादृत किया गया । श्री मैढ क्षत्रीय स्वर्णकार जागृति विकास संस्थान द्वारा सामाजिक चेतना के तहत प्रथम सामूहिक विवाह आयोजन के लिए धर्मेन्द्र मांडण, श्रवण कुमार, विजय सोनी, मयंक सोनी सहित आठ युवाओं को अलंकरण व 5100 रुपये की राशि से सम्मानित किया गया ।
– मोहन थानवी

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