फ़िरोज़ खान
बारां 14 जून। प्रदेश में किसान बदहाली का सामना कर रहे है और गत साढे तीन वर्षो में आयी प्राकृतिक आपदाओं के शिकार किसान आज तक सरकारी मदद का इंतजार कर रहा है, सरकारी वादाखिलाफी के कारण अब तक 60 किसानों ने आत्महत्या कर ली है। फसली ऋण का समय पर भुगतान नही होने से किसानों को ऊंची दरों पर बाजार से कर्जा लेना पड़ रहा है। प्रदेश के किसान खाद, बीज, पानी व बिजली की कमी से जूझ रहे है। अब तक प्रदेश के किसानों को मूंग का समर्थन मूल्य प्राप्त नही हुआ है जिसकी वजह से आर्थिक तंगी के चलते आगामी फसल की बुवाई में किसानों के लिए समस्या पैदा हो गई है।
कांग्रेस जिला महासचिव कैलाश जैन ने बताया कि प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार आज जिला कलेक्टेªट कार्यालय पर भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष पानाचंद मेघवाल ने विरोध प्रदर्शन में उपस्थित कांग्रेसजनों एवं आमजन को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने अपने घोषणा पत्र में किसानों को लागत पर 50 प्रतिशत लाभांश देने का वादा किया था, जिससे मुकर कर सरकार ने किसानों के साथ वादाखिलाफी की है। साथ ही सरकार ने फसल की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर नहीं की है जिसकी वजह से किसानों को औने-पौने दामों पर अपनी उपज बेचनी पड़ रही है। बदहाली के शिकार किसान फसल को सड़कों पर फेंकने के लिए मजबूर हो गए है। कोटा के पीपल्दा विधानसभा क्षेत्र में लहसुन की फसल का लागत मूल्य भी नहीं मिलने के कारण एक किसान की सदमें से मौत हो गई है जो सरकारी संवेदनहीनता का सबसे बड़ा परिचायक है।
प्रदेश सचिव नईमुद्दीन भाई गुड्डू ने संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा सरकार के प्रदेश में गठन के बाद से डिग्गी निर्माण, स्पिं्रकलर सिस्टम सहित खेती में काम आने वाले उपकरणों पर सब्सिडी घटा दी गई है जो किसानों पर आर्थिक बोझ डाल रहा है। बीकानेर संभाग में सेम समस्या का अब तक समाधान नहीं हुआ है जो किसानों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। एटा-सिंगरासर में माईनर निर्माण को लेकर सरकारी उदासीनता से परेशान किसान बार-बार आंदोलन कर रहे है परंतु अब तक सरकार ने कोई कार्यवाही नही कर किसानों को निराश किया है। खरीफ की फसल की बुवाई के लिए सहकारी समितियों के माध्यम से वितरीत होने वाला ऋण अपने 50 प्रतिशत लक्ष्य को भी हासिल नहीं कर पाया जो सरकारी व प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर बडा प्रश्नचिन्ह खडा करता है।
पूर्व विधायक निर्मला सहरिया एवं पूर्व विधायक करणसिंह राठौड़ ने संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के पशुपालक भी सरकारी उदासीनता के कारण परेशानियों का सामना कर रहे है। भाजपा सरकार के गठन के बाद पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा दूध पर देय दो रूपए प्रति लीटर सब्सिडी को बंद कर दिया गया है तथा प्रदेश में पशुपालकों से क्रय किये जाने वाले दूध की दरें देश में सबसे कम है। धरने को पूर्व जिला प्रमुख रामचरण मीणा, भरत मारन, पीसीसी सदस्य कैलाश शर्मा, बंशीलाल धाभाई, राजेन्द्र बंसल, लियाकत भाई, ओम सुमन, विनोद चैपड़ा, नईदा बेगम, हंसराज मीणा, गिर्राज मीणा, ब्लाॅक अध्यक्ष रामस्वरूप मीणा, बाबूलाल मीणा, संदीप शर्मा, देवीशंकर मालव, तंवरसिंह चैहान, खेमराज सिंह रहलाई, कमाल मामू, सरोज नागर आदि ने भी संबोधित किया। धरने का सफल संचालन जिला महामंत्री कैलाश जैन ने किया।
जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा जिला कलक्टर, बारां को ज्ञापन सौंपते हुए प्रदेश की मुख्यमंत्री से प्रदेश के किसानों व पशुपालकों के हित में सुधारात्मक नीतियां अपनाते हुए प्रदेश के किसानों के कर्ज माफ किए जावे, किसानों को लागत का 50 प्रतिशत लाभांश दिया जावे, किसानों की फसल खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर करने के साथ ही उचित बोनस दिया जावे तथा दूध पर पशुपालकों को पर्याप्त सब्सिडी दी जाए जिससे पशुपालक आर्थिक संकट से उभर सके।
आज जिला कलेक्टेªट कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन के दौरान रामप्रसाद शर्मा, सुरेश सिंहल, मोहन मीणा, सुरेश भाण्ड़, रामस्वरूप धारीवाल, रमेश फौजी, लक्ष्मीनारायण नागर, नन्दकिशोर मीणा, वहीद भाई, धर्मेन्द्र यादव, रामहेत मीणा, जाकीर मंसूरी, मुस्तफा खान, प्रेमसिंह चैधरी, जगदीश जाट, हेमराज गोयल, सतीश शर्मा एड़वोकेट, द्वारकालाल नागर ढ़ोलम, सदस्य जिप सिद्धार्थ नागर, अनिता सुमन, शिमला बैरवा, रामकरण मालव, वार्ड़ पार्षद बारां गौरव शर्मा, रितू जैन, राहुल शर्मा, विष्णु शाक्यवाल, नवीन सोन, नियाज मोहम्मद, वार्ड़ पार्षद अन्ता लक्ष्मण सुमन, मुर्तजा अंसारी, वसीम खान, हेमराज शर्मा, प्रमोद टीटू, सरपंच ममता मेरोठा, ममता अहेड़ी, चैथमल छन्दक, ड़ाॅ. सीमा, मांगीबाई भाटिया, शिवचरण मेहता, पूर्व सरपंच चन्द्रप्रकाश नागर, रामप्रसाद सुमन, लटूरलाल मेघवाल, हुकमचन्द सुमन, महेन्द्र यादव, पसस शिवप्रकाश मीणा, प्रदीप मेहता, प्रेमनारायण नागर, रामस्वरूप मीणा, मोहम्मद इकबाल मल्लू, ड़ाॅ. ओम गोस्वामी, पूरणमल नागर, महेश नागर, सोयल खान, लोकेश नागर, महावीर बैरवा, विनोद मेहरा, विजयदीप नागर, गिर्राज बोहरा, सुनील नागर, हीरालाल मेघवाल, बृजराज मीणा, देवेन्द्र पंचैली, मूलचन्द शर्मा, हेमराज सेठी, जगदीश सुवालका, पवन गौŸाम, शांतीलाल जैन, बबलू जैन, नरेन्द्रसिंह, वहीद भाई, निर्मल नागर, राजेन्द्र मीणा, राजेन्द्र अग्रवाल, त्रिलोक नागर, बालूराम मीणा, हुकमचन्द मीणा, मोतीलाल खटीक, लटूर बैरवा, छीतरलाल नागर, मोहनलाल कामड़, ड़ेनिस ड़ेनियल, राजवीरसिंह यादव, अख्तर हुसैन बक्तावर, अनिल मीणा, बबला खान, हरीश मेघवाल, जगतारसिंह, अमित गर्ग, विवके तिवारी, वीरेन्द्र शांत, हेमराज मेघवाल सहित सैकडों कांग्रेसजनों ने भाग लिया।