दिनांक 13-6-2017 को राजस्थान कपडा जीएसटी संघर्ष समिति के द्वारा भारत सरकार द्वारा कपडे पर जीएसटी 5 प्रतिशत लगाने के विरोध में अजमेर वस्त्र व्यापारिक संघ ने राजस्थान बंद के समर्थन में और भारत की प्रमुख कपडा मण्डियों द्वारा 15 जून 2017 गुरूवार को कपडा व्यापार बन्द के समर्थन में सभी अजमेर के कपडा व्यापारियों द्वारा अपने प्रतिष्ठान को बंद करके सांकेतिक हडताल का निर्णय लिया गया है ।
15 जून, 2017 को 11 बजे गोल प्याउ नया बाजार में सभी व्यापारियों की मीटिंग रखी गई है ।
बंद के समर्थन में कार्यकारिणी की मीटिंग रखी गई जिसमें राजस्थान कपडा व्यापार महासंघ को पूर्ण समर्थन देकर निम्न निर्णय लिये गये –
1. 15 जून 2017 को एक दिन सांकेतिक हडताल करके विधायकों सांसदों और प्रधानमंत्री, वित्तमंत्री को कपडे से जीएसटी हटाने हेतु ज्ञापन देना।
2. कपडे पर जीएसटी बर्दाश्त नहीं / कपडे पर कोई टेक्स नहीं चाहिये ।
3. कपडा व्यक्ति की मूलभूत आवश्यकता होने से किसी सरकार ने टेक्स नहीं लगाया ।
4. कोई भी व्यापारी जीएसटी का रजिस्टेªशन नहीं करायेगा ।
5. अगर कपडे पर जीएसटी नहीं हटाया गया तो भविष्य में पूरे देश में अनिश्चितकालीन हडताल द्वारा एकता प्रदर्शन किया जायेगा ।
कार्यकारिणी की मीटिंग में सुरेशचन्द गुप्ता, प्रवीण जैन, मिश्रीलाल जैन, भगवान चंदीराम, कमलेश गांधी, कमलेश शर्मा, अनिष मोयल, सन्देश मोयल, विवेक जैन, जूली, दुर्गेश सन्तूमल, महेन्द्र कोठारी, जिनेशचंद बोहरा, अजय जैन, अरूण जैन, आदि कार्यकारिणी सदस्यो ने नया बाजार, पुरानी मंडी, मदार गेट, नला बाजार, दरगाह बाजार, पृथ्वीराज मार्ग, कचहरी रोड, स्टेशन रोड, केसरगंज, रामगंज, पुलिस लाईन, गांधी बाजार, घसेटी बाजार, वैशाली नगर आदि अजमेर के सभी कपडा व्यवसायिायों से सम्पर्क करके 15 जून 2017 को अपने प्रतिष्ठान बंद करने हेतु, जीएसटी का विरोध करने हेतु सहयोग की अपेक्षा की । सभी कपडा व्यापारियो ने अपने प्रतिष्ठान बंद करके व्यापारिक एकता का परिचय देने हेतु पूर्ण सहयोग तन-मन-धन से करने का संकल्प लिया।
गत 70 वर्षो से कपडा देश में करमुक्त रहा है । जीएसटी में कपडे पर टेक्स लगाकर जनता और व्यापारियों में आक्रोश है । कपडा व्यापारी अधिकतर कम पढा लिखा होने से जीएसटी की जटिलताओं का पालन नहीं कर सकता । साल की 37 रिटर्न नहीं भर सकता । कम्पयूटर जानकारी नहीं होने से जीएसटी की पालना नहीं कर सकता । सीए. की फीस नहीं भर सकता । जीएसटी करके लगने से कर चोरी की संभावना के साथ इंसपेक्टर राज हावी होगा ।
कपडा व्यापारी अपने व्यापार को सुगमता से करके लोगो को रोजगार प्रदान करता है । जीएसटी आने के बाद इसकी जटिलता और विषमता से कपडा व्यापारी व्यापार बंद करके बेरोजगार हो जायेंगें । इस हेतु सरकार से प्रार्थना करते है कि कपडे पर जीएसटी या कोई कर के स्थान पर जीएसटी की भरपाई यार्न (धागा) पर कर लगा सकती है ।
जिस प्रकार सरकार ने खाद्यान्न अनाज को कर मुक्त रखा है उसी प्रकार कपडे को भी कर मुक्त रखे ऐसा सभी कपडा व्यपारियों का सुझाव है ।