परिवार को एक करोड की आर्थिक सहायता एवं सरकारी नौकरी की मांग
फ़िरोज़ खान
बारां 22 जून। किशनगंज तहसील के ग्राम सकरावदा के किसान संजय कुमार मीणा उर्फ संजीव द्वारा कर्ज से तंग आकर आत्महत्या किए जाने पर मृतक के परिवारजनों को सात्वंना प्रदान करने के लिए गुरूवार को प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया, कांग्रेस जिलाध्यक्ष पानाचंद मेघवाल ने कांग्रेसजनों के साथ मृतक किसान के घर पहुंचकर उसके परिजनों को सात्वनां प्रदान की।
प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया ने कहा कि भाजपा के कुशासन के कारण राज्य सहित जिले में पहले भी कई किसानों द्वारा कर्ज के बोझ से तंग आकर आत्महत्याएं की जा चुकी है लेकिन उनकी शासन, प्रशासन द्वारा कोई सुध नही ली गई।
भाया ने कहा कि किसानों की स्थिति दिनों दिन खराब होती जा रही है, उन्हें अपनी उपज का उचित समर्थन मूल्य नही मिल पा रहा है तथा खून पसीने से तैयार की गई फसल को औने-पौने दामों पर बेचने को मजबूर होना पड रहा है। किसान द्वारा फसल तैयार करने में लग रही लागत मूल्य भी उन्हें नहीं मिल पा रही है। भाजपा सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर लहसुन की खरीद करने की नौटंकी की जा रही है तथा क्वालिटी के नाम पर किसानों का लहसुन नही खरीद रही है जिससे किसान अवसाद की स्थिति में गुजर रहे है। भाजपा सरकार द्वारा किसानों के हितों को दरकिनार किया जा रहा है जिसकी परिणिति है कि किसानों को अपने हितों के लिए आंदोलन करने के लिए विवश होना पड़ रहा है।
मृतक के परिजनों ने बताया कि 1 साल पहले मृतक की मां की मौत हुई थी, जिसका उसके ऊपर कर्जा हो गया था। उसकी पत्नी के दोनों डिलेवरी आॅपरेशन से हुई थी, उसके पास कुल 12 बीघा भूमि है। मृतक के ऊपर 50 हजार रूपए बिजली बिल, किसान क्रेडिट कार्ड के डेढ लाख रूपए तथा 3 लाख रूपए साहूकार के बकाया था तथा कर्ज नही चुका पाने की स्थिति होने के कारण कर्ज से तंग आकर उसके द्वारा आत्महत्या की गई।
प्रदेश उपाध्यक्ष भाया ने कहा कि जिला कलक्टर द्वारा भाजपा सरकार को बदनामी से बचाने के लिए मृतक किसान संजय कुमार मीणा द्वारा कर्ज से तंग होकर की गई आत्महत्या को परिवार में हो रही दुखद घटनाओं के कारण अवसाद में होने से मृत्यु होना बताया है जो किसान की मौत के प्रति प्रशासन की संवेदनहीनता को दर्शाता है। प्रदेश उपाध्यक्ष प्रमोद जैन भाया, जिलाध्यक्ष पानाचंद मेघवाल, ब्लाॅक अध्यक्ष संदीप शर्मा, प्रधान सेवाराम मीणा, उप प्रधान रामहेत मीणा, घनश्याम नागर मिसाई, नाथूलाल नागर, सरपंच हेमराज मीणा, नरेश मीणा आदि कांग्रेसजनों ने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए मृतक के परिवार को एक करोड़ की तत्काल आर्थिक सहायता तथा उसकी धर्मपत्नी को राजकीय सेवा में नियुक्ति देने की मांग की गई।