आज फिर एक किसान ने की आत्महत्या

बारां 27 जून। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री प्रमोद भाया ने राजस्थान के कृषि मंत्री और बारां जिले के अंता से विधायक श्री प्रभूलाल सैनी के उस वक्तव्य की कडे शब्दों में निंदा की है जिसमें उन्होनें कहा कि ‘‘राजस्थान में किसानों की मौत कर्ज के कारण नही हो सकती है तथा राजस्थान में एक भी किसान की मौत कर्ज के कारण होना सिद्व कर दे, तो आज ही राजनीति से सन्यास ले लूंगा।’’
पूर्व मंत्री भाया ने कहा कि राजस्थान की भाजपा सरकार जिला प्रशासन पर दबाव बनाकर झूंठे प्रशासनिक प्रतिवेदन तैयार करवा कर किसान द्वारा कर्ज के बोझ तले एवं फसल का उचित मूल्य नहीं मिलने के कारण की गई आत्महत्याओं को गृह क्लेश एवं बीमारी से मृत्यु होना बतला रही है जो घोर निंदाजनक है।
झालावाड़ जिले के भाजपा जिलाध्यक्ष द्वारा पीडित किसान बगदीलाल राठौर के परिवारजनों को धमकाने का जो वीडियो वायरल हुआ है उससे स्पष्ट है कि भाजपा सरकार किसानों की आत्महत्याओं की किस प्रकार कागजों में लीफाफोती कर रही है। पिछले वर्ष भी बारां एवं झालावाड़ जिले में डेढ दर्जन से अधिक किसानों ने आत्महत्याएं की।
कल कृषि मंत्री श्री सैनी के किसान विरोधी बयान के बाद आज फिर तहसील पीपल्दा के श्रीपुरा गांव निवासी मुरलीधर पुत्र खेमराज मीणा उम्र 32 वर्ष जो कि बारां मंडी में अपनी लहसुन की उपज को बेचने आया था, उसे अपनी उपज का सही भाव नहीं मिलने के कारण उसके द्वारा सल्फास खा लिया एवं उसकी उपचार के दौरान कोटा चिकित्सालय में मौत हो गई। भाया ने कहा कि इस वर्ष राजस्थान में 65 से अधिक किसानों द्वारा कर्जे के कारण तथा हाडौती में इस वर्ष अब तक 6 किसानों द्वारा आत्महत्याएं की जा चुकी है परंतु कृषि मंत्री श्री प्रभूलाल सैनी का जमीर पूरी तरह मर चुका है। इन पीडित परिवारों को एक-एक करोड़ की आर्थिक सहायता देना तो दूर कृषि मंत्री श्री प्रभूलाल सैनी पीडित परिवारों के आंसू पोछने व दिलासा देने उनके आवास पर भी नही पहुंचे है। उन्होनें कहा कि भाजपा के नेता सत्ता के नशे में मदहोश है, वह साफा एवं माला पहनने वाले कार्यक्रमों में जा रहे है परंतु पीडित किसान परिवारों के लिए उनके पास समय नहीं है।
पूर्व मंत्री भाया ने कहा कि कृषि मंत्री श्री प्रभूलाल सैनी के उस बयान की भी कडी आलोचना की जिसमें कहा कि ‘‘किसानों ने लहसुन की फसल उनसे पूछकर नही बोई थी।’’ उन्होनें कहा कि फसल बुवाई की राशनिंग प्रणाली भाजपा सरकार द्वारा लागू नही की गई है, यदि जीएसटी, आधारकार्ड, भामाशाह कार्ड के जैसे फसल बुवाई की भी राशनिंग प्रणाली भाजपा सरकार द्वारा लागू कर दी जाती तो किसान भाई भाजपा कृषि मंत्री श्री प्रभूलाल सैनी से फसल की किस्म पूछकर बुवाई करते।
पूर्व मंत्री भाया ने कृषि मंत्री श्री प्रभूलाल सैनी के कल किसानों द्वारा की जा रही आत्महत्याओं के संबंध में दिए गए बयान के बाद आज फिर एक किसान द्वारा आत्महत्या की जा चुकी है। उन्होनें श्री सैनी से किसान हितों के मध्यनजर नैतिकता के आधार पर तुरंत मंत्री पद से इस्तीफा देने की मांग की है। साथ ही कहा है कि उन्होनें किसानों के लिए जिन अपशब्दों का इस्तेमाल किया है उसके लिए खुले मंच पर आकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगे।
इसके साथ ही पूर्व मंत्री भाया ने आत्महत्या के कारण मृत किसान परिवारों को एक-एक करोड की आर्थिक सहायता तुरंत जारी करने, उनके परिवारों के एक सदस्य को राजकीय नौकरी देने एवं राष्ट्रीयकृत बैंक, सहकारी संस्थाओं से लिए गए कर्जे के माफी की तुंरत घोषणा करने की मांग की है ताकि पीडित किसान आत्महत्या जैसे कदम नही उठा सके। अन्यथा कांग्रेस इस मुद्दे को किसानों के मध्य ले जाकर धरना, प्रदर्शन एवं आंदोलन का आगाज करेगी।