राजस्थान प्री-वेटरनरी टेस्ट 2017 का परीक्षा परिणाम जारी

बीकानेर के करण राज भाटी मेरिट में रहे अव्वल भीलवाड़ा के मुकेश यादव द्वितीय व चित्तौड़गढ़ के अजय कुमार सैन तृतीय स्थान पर

DSC_6000बीकानेर, 27 जून। वेटरनरी विश्वविद्यालय द्वारा बी.वी.एस.सी. और ए.एच. स्नातक में प्रवेश के लिए आयोजित राजस्थान प्री-वेटरनरी टेस्ट-2017 (आर.पी.वी.टी.) का परीक्षा परिणाम मंगलवार को प्रातः 11 बजे कुलपति प्रो. ए.के. गहलोत ने जारी किया। उन्होंने ऑन लाइन बटन दबाकर परिणाम जारी किया जिससे अभ्यार्थियों को विश्वविद्यालय की वेबसाइट ूूूण्तंरनअंेण्वतह पर हाथों-हाथ परीक्षा परिणाम देखने को मिल गया। कुलपति प्रो. गहलोत ने बताया कि वी.सी.आई. के निर्देशानुसार 30 सितम्बर 2017 तक सभी प्रकार की काउंसलिंग द्वारा प्रवेश का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। आर.पी.वी.टी. समन्वयक प्रो. हेमन्त दाधीच ने बताया कि आर.पी.वी.टी. की मेरिट सूची में बीकानेर के करणराज भाटी ने 708 अंकों में से सर्वाधिक 658 अंक प्राप्त करके मेरिट में पहला स्थान प्राप्त किया है। भीलवाड़ा के मुकेश यादव ने 639 अंक लेकर दूसरा और चित्तौड़गढ़ के अजय कुमार सैन ने 638 अंक प्राप्त कर मेरिट में तीसरा स्थान बनाया है। उन्होंने बताया कि प्रथम दस स्थानों की मेरिट में बीकानेर के तीन अभ्यार्थियों ने कामयाबी हासिल की है। मेरिट में चौथे स्थान पर जैसलमेर के भोमाराम और नागौर के अनिल बिश्नोई रहे जिनके 633 समान प्राप्तांक हैं। पांचवें स्थान पर कोटा के पवन कुमार धाकड़ (प्राप्तांक 628) और छठे स्थान पर जयपुर के हितेष कुमार शर्मा (प्राप्तांक 626) रहे। सातवें स्थान पर 618 समान अंक प्राप्त करने वाले बीकानेर के सौरभ कुमार सारस्वत और अम्बादान के साथ जोधपुर के हरीश कुमार रहे हैं। मेरिट में आठवें स्थान पर जयपुर के ग्यारसी लाल यादव और जोधपुर की परमेश्वरी पटेल (समान प्राप्तांक 617) रहे हैं। नवें स्थान पर समान 616 अंक प्राप्त करने वाले जयपुर के रवि प्रधान और हनुमानगढ़ के मनोज कुमार आए हैं। दसवें स्थान की मेरिट पर धौलपुर के अमित सिंह और पाली के दिनेश कुमार रहे हैं जिनके समान प्राप्तांक 614 हैं। इस अवसर पर वेटरनरी कॉलेज के अधिष्ठाता प्रो. जी.एस. मनोहर, अनुसंधान निदेशक प्रो. राकेश राव, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. एस.सी. गोस्वामी, प्रसार शिक्षा निदेशक प्रो. आर.के. धूड़िया, पी.एम.ई. निदेशक प्रो. आर.के. सिंह, पूल ऑफीसर प्रो. विजय चौधरी और आई.यू.एम.एस. के प्रभारी डॉ. अशोक डांगी मौजूद थे।

आई.सी.ए.आर. की पी.आर.टी. में कुलपति प्रो. गहलोत का मनोनयन
कुलपति प्रो. गहलोत के नेतृत्व में वेंकटेश्वर वेटरनरी
विश्वविद्यालय, तिरूपति का होगा निरीक्षण

बीकानेर, 27 जून। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् के महानिदेशक ने वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ए.के. गहलोत को श्री वेंकटेश्वर वेटरनरी विश्वविद्यालय, तिरूपति के लिए गठित पीयर रिव्यू टीम का अध्यक्ष मनोनीत किया है। पांच सदस्यीय पी.आर.टी. में आई.सी.ए.आर के सहायक महानिदेशक (इ.क्यू.आर.) को सदस्य सचिव बनाया गया है। यह टीम वेंकटेश्वर वेटरनरी विश्वविद्यालय, तिरूपति द्वारा प्रस्तुत की गई सेल्फ स्टडी रिपोर्ट के आधार पर विश्वविद्यालय और संबद्ध महाविद्यालयों का मौके पर जाकर निरीक्षण करेगी। पी.आर.टी. एक माह की अवधि में विश्वविद्यालय और संघटक महाविद्यालयों में शैक्षणिक, स्तर उपलब्ध संसाधनों और कार्यों का मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार कर आई.सी.ए.आर. के अधिस्वीकरण बोर्ड सचिवालय को प्रेषित करेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर आई.सी.ए.आर. द्वारा इनका अधिस्वीकरण स्वीकृत किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि कुलपति प्रो. गहलोत वेटरनरी कौंसिल ऑफ इण्डिया के निर्वाचित सदस्य के अलावा पशुचिकित्सा एवं अनुसंधान की कई राष्ट्रीय संस्थाओं जैसे भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद्, भारतीय कृषि विश्वविद्यालय एसोसिएशन, तमिलनाडु वेटरनरी विश्वविद्यालय में भी विशेषज्ञ सदस्य के रूप में जुड़े हुए है। छत्तीसगढ़ कामधेनू विश्वविद्यालय दुर्ग की प्रथम कार्य परिषद् में प्रो. गहलोत को सदस्य मनोनीत किया गया है। जम्मू और कश्मीर के राज्यपाल और कुलाधिपति ने शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं तकनीकी विश्वविद्यालय की परिषद् में विशेषज्ञ सदस्य के रूप में भी मनोनीत किया गया है। भारत सरकार के केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् की अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजनाओं की समीक्षा कमेटी में प्रो. गहलोत को नामित किया है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् द्वारा भी प्रो. गहलोत को एमेरिट्स साइंटिस्ट स्कीम की सलेक्षन कम स्टैंडिंग कमेटी का सदस्य और राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र, बीकानेर के लिए गठित पंचवर्षीय समीक्षा समिति (क्यू.आर.टी.) का अध्यक्ष भी मनोनीत किया गया है। प्रो. गहलोत को एक प्रख्यात पशुचिकित्सा वैज्ञानिक और कुशल प्रशासक की हैसियत से प्रो. गहलोत के मनोनयन से देश में पशुचिकित्सा, शिक्षा और तकनीकी के क्षेत्र में उनकी विशेषज्ञ सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।
समन्वयक
जनसम्पर्क प्रकोष्ठ

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