पशुपालन संयुक्त निदेशक डॉ. विज ने प्रदान किए प्रमाण पत्र
बीकानेर, 18 अगस्त। राज्य के गोपालन विभाग और वेटरनरी विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में संभाग के गौशाला प्रबंधकों-व्यवस्थापकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुक्रवार को सम्पन्न हो गया। राजुवास के पशुधन चारा संसाधन प्रबंधन एवं तकनीक केन्द्र में आयोजित समापन सत्र के मुख्य अतिथि पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. अशोक कुमार विज ने प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए। डॉ. विज ने कहा कि प्रशिक्षण में प्राप्त वैज्ञानिक जानकारी का उपयोग कर गौशालाओं को अधिक सक्षम और गौधन को सबल बनाया जा सकता है। इस अवसर पर गोपालन विभाग, जयपुर के संयुक्त निदेशक डॉ. जे.पी. अटल ने विभाग द्वारा किए जा रहे गौ संरक्षण और संवर्द्धन कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि राजुवास में वैज्ञानिक-विशेषज्ञों की वार्ताओं और प्रायोगिक कार्य गौशाला प्रबंधकों के लिए अत्यंत उपयोगी है। प्रशिक्षण समन्वयक एवं प्रसार शिक्षा निदेशक प्रो. आर.के. धूड़िया के अनुसार इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में वैज्ञानिक-विशेषज्ञों द्वारा 10 वार्ताएं प्रस्तुत करके राजुवास परिसर में गौ संवर्द्धन कार्यक्रमों का भ्रमण करवाया गया। प्रशिक्षण में मुख्यतः संतुलित पशुआहार, गायों में प्रजनन, नस्ल सुधार और बांझपन निवारण, दुग्ध दोहन विधियां, हरा चारा उत्पादन और संरक्षण, दुग्ध उत्पादों का विपणन, पंचगव्य, देशी गौ वंश का प्रबंधन व उपचार और आवास अक्षय ऊर्जा बाबत व्याख्यान दिए गए। प्रो. आर.के. धूड़िया, प्रो. राधेश्याम आर्य, डॉ. संदीप धौलपुरिया, डॉ. राजकुमार बेरवाल, डॉ. राजेश नेहरा, डॉ. अरूण कुमार, डॉ. अशोक गौड़, डॉ. दीपिका धूड़िया, दिनेश आचार्य ने व्याख्यान दिए। डॉ. रणजीत सिंह ने राज्य सरकार के पशुपालन, गोपालन, कृषि, पंचायतीराज द्वारा संचालित योजनाओं और गौशाला अधिनियम, जीव जंतु कल्याण और पशुधन विकास बोर्ड के कार्यक्रमों की जानकारी दी। प्रशिक्षणार्थियों ने विश्वविद्यालय की विभिन्न इकाईयों और पशुधन अनुसंधान केन्द्र, बीछवाल का भ्रमण भी करवाया गया।
समन्वयक
जनसम्पर्क प्रकोष्ठ