छात्रो, निवेशकों और एसएमई के बीच स्टॉक मार्केट के फायदों के प्रति जागरुकता बढ़ाने का प्रयास
स्किल इंडिया, स्टैंडअप इंडिया और डिजिटल इंडिया पर मुख्य ज़ोर दिया गया
16 सितंबर 2017
बीकानेर: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसई) द्वारा बीकानेर में एक ‘इन्वेस्टर फेयर’ आयोजित किया गया। एनएसई देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। इस फेयर का उद्देश्य शहर के उद्यमियों, निवेशकों और छात्रों के बीच निवेश की आदत को प्रोत्साहित करना था। एनएसई इन्वेस्टर फेयर मुख्यत: तीन व्यापक विषयों पर केंद्रित रहा – स्किल इंडिया, स्टैंडअप इंडिया और डिजिटल इंडिया। इन विषयों के तहत छात्रों के लिए वित्तीय क्षेत्र में रोजगार के अवसरों और निवेशकों के लिए स्टॉक मार्केट में निवेश के मौकों के बारे में विस्तार से बताया गया। इसके साथ ही एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म एनएसई इमर्ज के माध्यम से पूँजी जुटाने के फायदों के बारे में भी प्रकाश डाला गया।
इस अवसर पर माननीय श्री अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय राज्य मंत्री जल संसाधन, नदी विकास, गंगा पुनरूद्धार एवं संसदीय कार्यमंत्रालय भारत सरकार उपस्थित थे। उनकी गरिमामयी उपस्थिति में प्रतिभागियों को ‘शॉर्ट टर्म इक्विटी डीलर स्किल प्रोग्राम’ से सम्मानित किया गया। यह प्रोग्राम एनएसई एकेडमी द्वारा डिजाइन किया गया है। डिजिटल इंडिया की दिशा में कदम उठाते हुए इस क्षेत्र के स्वतंत्र वित्तीय सलाहकार एनएसई के म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म का प्रयोग कर रहे हैं। इसकी मदद से वित्तीय सलाहकारों ने कागजी कार्यों को छोड़कर डिजिटल प्रक्रिया को अपनाया है। श्री मेघवाल की उपस्थिति में एसएमई ने पूंजी जुटाने के लिए आज्ञापत्रों पर हस्ताक्षर किए। यह स्टैंडअप इंडिया प्रोग्राम की ओर किए गए प्रयास को दर्शाता है।
इस अवसर पर माननीय श्री अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय राज्य मंत्री जल संसाधन, नदी विकास, गंगा पुनरूद्धार एवं संसदीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार ने कहा, “ बीकानेर के विद्यार्थी जगत, उद्योग जगत और वित्तीय सलाहकारों सहित लघु और मझौले उद्यमियों तक को सुनहरे भविष्य के लिए वित्तीय संसाधनों के महत्व को एनएसई इंवेस्टर फेयर-2017 के माध्यम से समझाये जाने का प्रयास सराहनीय है। मुझे विश्वास है कि इस निवेशक फेयर में सहभागी अभ्यर्थी वित्तीय नियोजन विषय में मिल मार्गदर्शन का उपयोग बीकानेर के सर्वांगीण विकास में करेंगे।”
श्री रवि वाराणसी, सीईओ,एनएसई अकादमी और चीफ बिजनेस डेवलपमेंट ऑफिसर एनएसईने कहा, “मुझे विश्वास है कि एनएसई इन्वेस्टर फेयर द्वारा जो वातावरण विकसित किया गया है, वह वित्तीय बाजार को बेहतर तरीके से समझने में बीकानेर के लोगों की मदद करेगा। यह फेयर केवल निवेश जानकारों के लिए ही नहीं, बल्कि इसका उद्देश्य विभिन्न संपत्ति वर्ग एवं अन्य क्षेत्रों में निवेश के एक प्लेटफॉर्म के रूप में छात्रों और उद्यमियों में वित्तीय उत्पादों के लिए रुचि पैदा करना भी था। एनएसई पूरे देश में निवेश संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए आगे भी इस प्रकार के प्रयास करती रहेगी।
पहले सत्र में छात्रों के लिए वित्तीय क्षेत्र में शिक्षा के महत्व और वित्त बाज़ार में करियर तथा एनएसई एकेडमी में पाठ्यक्रमों के बारे में बताया गया। बीकानेर के 28 प्रमुख स्कूलों और कॉलेज के छात्रों तथा अध्यापकों ने एनएसई की सब्सिडियरी एनएसई एकेडमी द्वारा छात्रों को उपलब्ध कराए जाने वाले कोर्स के बारे में जानकारी हासिल की। एनएसई एकेडमी छात्रों को बाजार की जानकारी देने के साथ ही उन्हें रोजगार के लिए तैयार करती है और उन्हें वित्तीय क्षेत्र में अच्छे करियर अवसर प्रदान करती है।
फाइनेंशियल मार्केट के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए प्री-इवेंट गतिविधियों के तौर पर बीकानेर के कॉलेजों में आयोजित किए गए वित्तीय साक्षरता सत्र और क्विज में 2000 से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया। एसएमई पैनल चर्चा में, विशेषज्ञों ने एनएसई एमर्ज पर लघु एवं मझौलेउद्यमों की स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टिंग के लाभों के बारे में बताया। यहां विशेषतौर पर यह बताया गया कि राजस्थान के एसएमई अपने विस्तार और विकास के लिए लिस्टिंग के जरिये आसानी से पूंजी हासिल कर सकते हैं। एनएसई एमर्ज पर लिस्टिंग के अन्य लाभों में स्थानीय कंपनियों की राष्ट्रीय स्तर पर उपस्थिति, उच्च विश्वसनीयता और मूल्यांकन को बढ़ाने की क्षमता शामिल है। एनएसई के अधिकारियों ने बताया कि एनएसई द्वारा छोटे एवं मध्यम व्यवासायों को लिस्टिंग प्रक्रिया में पूरा मार्गदर्शन किया जाता है और इसके जरिये उनकी क्षमता निर्माण में मदद की जाती है।
इंवेस्टर फेयर में एनएसई के सदस्य ब्रोकर्स, स्वतंत्र वित्तीय सलाहकारों (आईएफए), मर्चेंट बैंकर्स, चार्टर्ड एकाउंटेंसी फर्म और एसएमई को फाइनेंस करने वाली संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी देखने मिली। फेयर के दौरान, प्रतिभागियों को आर्थिक योजना एवं इक्विटी मार्केट में लंबी अवधि के निवेश फायदों के बारे में जानकारी दी गई। इसके साथ ही जोखिम कम करने के लिए डाइवर्सीफाइड असेट एलोकेशन का महत्व जैसे विषयों पर भी प्रकाश डाला गया। फेयर में म्यूचुअल फंड्स जैसे बाजार में निवेश करने के अप्रत्यक्ष तरीकों के बारे में भी निवेशकों को बताया गया। इसके लिए सदस्य ब्रोकर्स ने इंवसेटर फेयर में स्टॉल भी लगाए थे।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसई) के बारे में:
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) भारत का प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज है। वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ एक्सचेंज (WFE) के मुताबिक 2015 में इक्विटी ट्रेडिंग वॉल्यूम के आधार पर यह दुनिया का चौथा सबसे बड़ा एक्सचेंज है। भारत में इलेक्ट्रॉनिक या स्क्रीन-बेस्ड ट्रेडिंग शुरू करने वाला एनएसई पहला एक्सचेंज था। इसने अपना ऑपरेशन 1994 में शुरू किया था। सेबी के डाटा के मुताबिक 1995 से लगातार यह इक्विटी शेयर के लिए कुल और औसत दैनिक टर्नओवर के हिसाब से देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज बना हुआ है।
एनएसई के पास एक पूर्ण-एकीकृत बिजनेस मॉडल है, जिसके तहत एक्सचेंज लिस्टिंग, ट्रेडिंग सर्विसेस, क्लियरिंग और सेटलमेंट सर्विसेस, सूचकांक, मार्केट डाटा फीड, टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस और फाइनेंशियल एजुकेशन की पेशकश की जाती है। एनएसई ट्रेडिंग और क्लियरिंग सदस्यों द्वारा एक्सचेंज के नियमों और विनियमों के अनुपालन की निगरानी भी करता है। एनएसई टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अग्रणी है और टेक्नोलॉजी में इन्नोवेशन और इनवेस्टमेंट की संस्कृति के माध्यम से अपने सिस्टम की विश्वसनीयता और प्रदर्शन सुनिश्चित करता है। एनएसई का मानना है कि उसके प्रोडक्ट्स और सर्विस का पैमाना और विस्तार, भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न असेट क्लास में टिकाऊ नेतृत्वकारी स्थिति इसे बाजार की मांग और बदलाव के प्रति उच्च प्रतिक्रियाशील बनाती है। यह बाजार भागीदारों और ग्राहकों को हाई-क्वालिटी डाटा और सर्विसेस उपलब्ध कराने के लिए ट्रेडिंग और नॉन-ट्रेडिंग दोनों बिजनेस में इनोवेशन का सहारा लेती है।
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