सीएमएचओ का मरू विकास शोध संस्थान के साथ हुआ एमओयू
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बीकानेर। सर्वोदय बस्ती शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अब सार्वजनिक निजी सहभागिता आधार पर संचालित की जाएगी। राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत पहले से नियुक्त चिकित्साधिकारी, लेखाकार व सहायक स्टाफ के अलावा शेष फार्मासिस्ट, लैब तकनीशियन व नर्सिंग स्टाफ की व्यवस्था प्राइवेट पार्टनर द्वारा की जाएगी। गुरूवार को चिकित्सा निदेशालय जयपुर में आयोजित समारोह में चिकित्सा मंत्री श्री कालीचरण सराफ, श्रीमती पीएचएस वीनू गुप्ता, स्वास्थ्य सचिव व मिशन निदेशक श्री नवीन जैन व अतिरिक्त मिशन निदेशक श्री बी.एल. कोठारी की उपस्थिति में सीएमएचओ डॉ. देवेन्द्र चैधरी व मरू विकास शोध संस्थान, बीकानेर के बीच एमओयू हुआ। जिसके तहत एक माह के भीतर यूपीएचसी को संस्थान को हैण्डओवर कर दिया जाएगा।
इस अवसर पर निदेशक आरसीएच डॉ. एस.एम. मित्तल, निदेशक जन स्वास्थ्य डॉ. वी.के. माथुर, सहायक निदेशक आईईसी श्री गोविन्द पारीक व बीकानेर एनयूएचएम सलाहकार श्रीमती नेहा शेखावत मौजूद रहे। राज्यभर में 14 निजी संस्थाओं के साथ 13 जिलों की कुल 43 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को सार्वजनिक निजी सहभागिता पर संचालित किये जाने हेतु एम.ओ.यू. किया गया है।
श्री सराफ ने बताया कि राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत कुल 50 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को पीपीपी मोड़ पर संचालित किये जाने हेतु निविदा जारी की गयी थी। इसी क्रम में संस्थाओं के साथ एमओयू किया गया है। उन्होंने बताया कि इन 43 शहरी पीएचसी के दैनिक प्रबन्धन के समस्त कार्य-कलाप की जिम्मेदारी इन्हीं संस्थाओं की होगी। इन केन्द्रों पर दैनिक रूप से ओपीडी, निःशुल्क दवा योजना, निःशुल्क जांच, टीकाकरण एवं परिवार कल्याण इत्यादि स्वास्थ्य सेवाओं के साथ नियमित रूप से शहरी स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस व कच्ची बस्तियों में प्रतिमाह एक आउटरीच कैम्प का आयोजन भी किया जायेगा।
डॉ. देवेन्द्र चैधरी ने बताया कि पीपीपी मोड से स्टाफ की कमी पूरी होगी और क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया होंगी। नोखा खण्ड की कुद्सु पीएचसी पहले से पीपीपी मोड पर सफलतापूर्वक संचालित हो रही है।