फ़िरोज़ खान
जयपुर। देश में पत्रकारों एवं मीडिया में काम करने वालों पर बढ़ते हमलों को देखते हुए सख्त कानून जल्द बनाया जाए, यह मांग शनिवार को जयपुर में आयोजित इडियन फेडेरेशन आॅफ वर्किंग जर्नलिस्ट की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में जोरशोर से उठाई गई। आईएफडब्ल्यूजे राष्ट्रीय अध्यक्ष के विक्रम राव ने प्रस्तावित कानून का मसौदा उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, जो राज्यसभा के पदेन अध्यक्ष है और लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन को भी दे दिया गया है। इस मसले को देशव्यापी आंदोलन देने के लिए प्रत्येक जिले के मुख्यालयों एंव राज्यों की राजधानी में यह मांग उठाई जाएगी। जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्रियों व राज्यपालों को ज्ञापन दिया जाएगा। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष सुमन शर्मा ने अपने भाषण में राज्य सरकार के समक्ष यह मुद्दा उठाने का आश्वासन दिया। पत्रकारों की स्वास्थ्य और पेंशन सुविधा में एकरूपता लाने के लिए सुझाव दिया गया। उत्तरप्रदेश के हमीर सिद्दीकी ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने प्रदेश सरकार द्वारा पत्रकारों की दी जाने वाले सुविधाएं यह कहकर निरस्त कर दी गई है कि यह विषय केंद्र सरकार के अतंर्गत आता है। पत्रकारों के लिए श्रमजीवी काननू 1955 में केद्र सरकार ने बनाया था और उसमें सुधार की आवश्यकता है।