निदेशक आरसीएच डॉ. एस.एम. मित्तल ने की संभाग स्तरीय समीक्षा
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बीकानेर। नसबंदी स्थाई दिवस सेवाओं में कड़े गुणवता मानदंडों की पालना सुनिश्चित की जाए और अधिकाधिक स्थाई दिवसों का आयोजन कर आमजन को समुचित परिवार कल्याण सेवाएं मुहैया करवाई जाए। ये निर्देश देते हुए स्वास्थ्य विभाग के निदेशक आरसीएच व एफडब्लू डॉ. एसएम मित्तल ने इन स्थाई दिवस सेवाओं की समस्त जिला व खण्ड स्तरीय अधिकारीयों द्वारा गहन मोनिटरिंग की महता को रेखांकित किया। डॉ. मित्तल गुरूवार को स्वास्थ्य भवन सभागार में परिवार कल्याण प्रगति की संभाग स्तरीय समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने चारों जिलों के अतिरिक्त व उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारीयों को परिवार कल्याण लक्ष्यों को शत प्रतिशत हासिल करने की रूपरेखा तैयार करने को कहा। उन्होंने घटते संसाधनों व बढती मांग को केंद्र में रखकर परिवार कल्याण कार्यक्रम को स्वप्रेरणा से आगे बढ़ाने की बात कही। निदेशक ने कम उपलब्धि वाले अधिकारीयों-कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही और अधिकाधिक नसबंदी करवाने वालों को जिला व राज्य स्तर पर सम्मानित करने की वकालत की। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी स्थाई सेवा दिवस में 2 या अधिक पुरुष नसबंदी केस प्रेरित करने वाली एएनएम को वे स्वयं फोन कर बधाई देंगे। उन्होंने कहा कि राजकीय अस्पताल में प्रसव करवाने वाली प्रत्येक प्रसूता को परिवार कल्याण सलाह मिलनी चाहिए और कम से कम पीपीआईयूसीडी तो लगनी ही चाहिए क्योंकि ये एक बहुत ही सरल और कारगर तरीका है 2 बच्चों में अंतर रखने का। उन्होंने नए परिवार कल्याण साधनों जैसे अंतरा इंजेक्शन व छाया गर्भनिरोधक गोली से मिल रहे बेहतर परिणामो की चर्चा की। डॉ. मित्तल शुक्रवार को जिले के विभिन्न स्थाई दिवस सेवाओं व संस्थानों का निरीक्षण करेंगे।
संयुक्त निदेशक डॉ. हरबंस सिंह बराड़ ने बताया कि बीकानेर संभाग परिवार कल्याण में सदैव सिरमौर रहा है और इस साल भी अग्रणी रहने की संभावना है। उन्होंने सभी जिलों के अधिकारीयों को स्थाई दिवस सेवाओं में सर्जन टीम के समय पर पहुचने और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित करने के निदेश दिए।
सीएमएचओ डॉ. देवेन्द्र चौधरी ने बताया कि परिवार कल्याण में जिला अग्रणी पंक्ति में स्थान बनाए हुए है और प्रयासों को सतत रखा गया तो निश्चय ही अंत तक ये बढ़त बनी रहेगी। उन्होंने जानकारी दी कि जिले ने नसबंदी के 12,056 के लक्ष्य के विरुद्ध 6,414 यानिकी 53 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि हासिल कर ली है। प्रतिमाह 60 से ज्यादा स्थाई सेवा दिवस पर नसबंदी की सेवाएं दी जा रही हैं।
बैठक में यूएनएफपीए से अनिल शर्मा, आरसीएचओ डॉ. रमेश गुप्ता, डीपीएम सुशील कुमार, संभाग के 4 जिलों के एसीएमएचओ, डिप्टी सीएमएचओ, बीसीएमओ व सर्जन मौजूद रहे।
साधन लक्ष्य उपलब्धि प्रतिशत
नसबंदी 12,056 6,414 53.2
कॉपर टी 14,717 9,757 66.3
ओरल पिल्स यूजर्स 12,124 7,411 61.13
निरोध यूजर्स 14,293 11,452 80.12
पीपीआईयूसीडी 10,880 4,475 41.13
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी
बीकानेर