एनआरसीसी द्वारा ऊँटों के विभिन्न रोगों व इलाज पर परिचर्चा आयोजित

ऊँट पालन व्यवसाय की लाभदायकता के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता के स्तर पर ऊँटों का चयन हो ः डॉ.गांधी

बीकानेर, 9 फरवरी। भाकृअनुप-राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र में शुक्रवार को ‘उष्ट्र त्वचा रोग-निदान, रोकथाम, उपचार व पशुजन्य रोग हेतुुु उपाय‘ विषय पर बैठक का आयोजन किया गया। केन्द्र निदेशक डॉ.एन.वी. पाटिल की अध्यक्षता में आयोजित इस परिचर्चा में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के सहायक महानिदेशक डॉ. आर. एस. गांधी तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज चर्म रोग विभागाध्यक्ष आर.डी. मेहता उपस्थित थे। इस बैठक में विषय-विशेषज्ञ राजुवास व पशुपालन विभाग, बीकानेर तथा जैसलमेर से अधिकारी गण सहित केन्द्र के सभी वैज्ञानिकों ने भाग लिया।

     मुख्य अतिथि डॉ. आर. एस. गांधी ने परिचर्चा के विषय की महत्ता बताते हुए कहा कि ऊँट पालन व्यवसाय को लाभदायक बनाने हेतु रोग प्रतिरोधक क्षमता के स्तर पर ऊँटों का चयन किया जाना आवश्यक हो गया है, जिससे चर्म रोग जैसी आम परंतु लाइलाज बीमारियों की रोकथाम हेतु जांच की जा सके। उन्होंने समन्वयात्मक अनुसंधान कार्य करने हेतु ऎसे विषयों पर निष्णातों के साथ चर्चा को महत्वपूर्ण बताया व कहा कि ऊँट पालन व्यवसाय को आगे बढ़ाने हेतु यह सहायक होगा क्योंकि ऊँट पालक इन समस्यों से जूझ रहा है।

     प्रो. आर.डी.मेहता ने अपने दो शोध पत्रों पर व्याख्यान देते हुए कहा कि राजस्थान जैसे प्रदेश में ऊँट व अन्य पशु जो कि पशुजन्य रोगों की दृष्टि से मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं, उनकी रोकथाम पशु के स्तर पर ही करना अत्यंत आवश्यक है, यह पूर्णतया अच्छे मानव स्वास्थ्य की निशानी होगी। उन्होंने फफूंद, पांव/खुजली जैसे ऊँटों में पाए जाने वाले रोगों की रोकथाम पर बल देते हुए कहा कि अब एनआरसीसी के वैज्ञानिक इस हेतु महत्वपूर्ण अनुसंधान कार्य कर रहे हैं और कम लागत पर इन रोगों की रोकथाम होना एक महत्वपूर्ण पहल होगी जो कि ऊँट पालकों को अपने पशुओं को बचाने के लिए कारगर सिद्ध होगी।

     परिचर्चा में पशुपालन विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. रणजीत सिंह ने बताया कि राजस्थान में हर जिले में साल में लगभग 12 ऊँट स्वास्थ्य शिविरो का आयोजन किया जाता है, जिनमें एनआरसीसी वैज्ञानिकों की सहभागिता एक महत्वपूर्ण बात रहेगी ताकि विकसित प्रौद्योगिकी का तकनीकी प्रसार हो सकेगा जिसका लाभ सीधे रूप से किसानों को मिल सकता है, इस हेतु सरकार भी प्रयासरत है। केन्द्र निदेशक एवं परिचर्चा के अध्यक्ष डॉ.एन.वी.पाटिल ने आश्वस्त करते हुए कहा कि इस तरह के उष्ट्र रोग निदान व उपाय शिविरों/मेलों मेें सहभागिता को प्राथमिकता दी जाएगी तथा समन्वयात्मक अनुसंधान कार्य जिसमें मेडिकल व राजुवास के साथ कार्यक्रम तैयार किए जाएंगे।

     परिचर्चा के दौरान राजुवास के प्रोफसरों ने ऊँट रोगों के निदान, रोकथाम के लिए  संभावित उपायों की जानकारी भी दी। कार्यक्रम का संचालन डॉ.एफ.सी.टुटेजा ने किया।

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तीन दिवसीय प्रदर्शनी सृजन  2018 का शुभारम्भ

बीकानेर, 9 फरवरी। राजकीय महिला पॉलिटेक्निक महाविद्यालय में शुक्रवार को तीन दिवसीय प्रदर्शनी सृजन  2018 का शुभारम्भ हुआ।

         प्रदर्शनी का उद्घाटन महंत संवित् सोमगिरी द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने छात्राओं को सृजनात्मक कार्य करने के लिए प्रेरित किया। प्रधानाचार्य डा. संगीता सक्सेना ने स्वागत उद्बोधन दिया। कार्यक्रम में शांतिलाल बोथरा, राजकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय के प्रधानाचार्य देवाराम गोदारा एवं सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य सोमप्रकाश सुथार भी उपस्थित रहे। छात्रा शाखा प्रभारी इन्दुबाला शर्मा द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया। अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर छात्राओं द्वारा किये गये कार्यों को सराहा। प्रदर्शनी रविवार को 12 बजे तक आमजन के अवलोकनार्थ खुली रहेगी ।

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स्वच्छता रैली आयोजित

बीकानेर, 9 फरवरी। हिन्दुस्तान स्काउट्स एंड गाइड्स राजस्थान द्वारा स्वच्छता अभियान के तहत शुक्रवार को स्वच्छता रैली का आयोजन किया गया। जिला कलक्टर अनिल गुप्ता ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली कलक्ट्रेट परिसर से रवाना होकर जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) कार्यालय तक पहुंची।

         जिला संयोजक धीरज शर्मा ने बताया कि रैली में विभिन्न विद्यालयों के स्काउट एंड गाइड्स तथा स्काउटर- गाइडर ने भाग लिया। रैली के दौरान शहर को स्वच्छ रखने का संकल्प लिया गया तथा स्वच्छ बीकाणा सुंदर बीकाणा का संदेश देते हुए सफाई अभियान चलाया गया। इस अवसर पर एडीईओ सुनील बोड़ा, सहायक राज्य संगठन आयुक्त अजय कुमार, स्काउट मास्टर ठाकुरदास स्वामी, जिला प्रशिक्षक जितेन्द्र गुप्ता, मनोज पुरोहित तथा प्रियंका गुप्ता उपस्थित थे।

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