फ़िरोज़ खान
बारां 8 अप्रेल । बिलासगढ़ ग्राम पंचायत के रामपुरिया गांव में 370 परिवार सहरिया समुदाय के निवास करते है । इसी गांव की चंद्रकला सहरिया परित्यक्ता महिला है । इसके दो लड़कियां है । उषा व सरिता दोनों ही स्कूल पढ़ने जाती है । महिला ने बताया कि रहने के कच्चा घर है । वह भी मा बाप का है । पति ने छोड़ रखा है । उसके बाद से मा बाप के पास ही रह रही हूँ । मेहनत मजदूरी कर अपनी दोनों लड़कियों को पढ़ा भी रही हूँ । और घर भी चला रही हूँ । उसने बताया कि मुझे आज तक पालनहार योजना का लाभ भी नही मिला है । और ना ही पेंशन मिलती है । कई बार आवेदन किये जा चुके है । वही मनरेगा में भी एक दिन का भी काम नही मिला है । रहने को घर नही होने के कारण मा बाप के कच्चे घर मे ही जीवन यापन कर रही हूँ। इसी तरह रामपुरिया निवासी मदनलाल पुत्र प्रभुलाल सहरिया एक पैर से विकलांग है । इसके पांच लड़कियां व एक लड़का है । तीन लड़कियों की शादी हो चुकी है । एक लड़का व एक लड़की इसके साथ रहते है । यह दोनों छोटे है । लड़की तो स्कूल जाती है । मगर लड़का नही जाता है । रहने के लिए कच्चा मकान है । और पेंशन भी नही मिलती है । पत्नी काली बाई ने बताया कि बीमारी के चलते करीब 8 वर्ष पूर्व एक पैर को कटवाना पड़ा । तब से में ही परिवार का खर्च चलाती हूँ । दिव्यांग ने बताया कि एक पैर कटा होने के कारण मेरे से काम नही होता है । पत्नी ही इधर उधर मेहनत मजदूरी कर परिवार चलाती है । उसने बताया कि पीएम आवास योजना में भी मुझे सरकारी आवास का लाभ नही मिला है । ऐसे में कच्चे घर मे ही जीवन यापन कर रहा हूँ । कई बार लाभ लेने के लिए आवेदन भी किये मगर उसके बाद भी आजतक लाभ नही मिला । खेरुना निवासी विधवा महिला उर्मिला पत्नी कन्हैयालाल सहरिया को 8-9 माह से पेंशन की राशि नही मिल रही है । महिला ने बताया कि एक लड़का जिसका नाम मनोज है । वह भी मेरे साथ ही रहता है । हम दोनों मेहनत मजदूरी कर पेट भर रहे है । इसका पीपीओ नम्बर 557 है । इसके रहने के लिए कच्चा घर है । सरकार की और से अभी तक इसको आवास नही मिला है । कुन्दा निवासी गोबरीलाल पुत्र धुलीलाल सहरिया ने बताया कि एक वर्ष से पेंशन नही मिल रही है । इसका पीपीओ नम्बर 8788 है । इसने बताया कि पेंशन के लिए कई चकर लगाने के बाद भी सफलता नही मिली है ।