रोजगार के अभाव में रानीपुरा के लोग पलायन पर

फ़िरोज़ खान
बारां 8 मई । शाहाबाद ब्लॉक की ग्राम पंचायत कसबनोनेरा के गांव रानीपुरा के सहरिया समुदाय के लोग लोग रोजगार के अभाव में पलायन कर गए । मालम सहरिया ने बताया कि इस गांव के लोगो को लंबे समय से मनरेगा में काम नही मिल रहा है । इस कारण 35 परिवार 5 मई को रावतभाटा के लिए पलायन कर गए । बाकी कुछ लोग 6 मई को पलायन कर गए । उंन्होने बताया कि पूर्व में भी मार्च माह में इस गांव के लोग पलायन कर गए थे । आने के बाद भी जब मनरेगा काम बंद था तो यह लोग काम की तलाश में बाहर निकल गए । इसी तरह भोयल पंचायत के सहरिया समुदाय के लोगो को को मनरेगा काम नही दिया जा रहा । बद्रीलाल, दिनेश, मुन्ना, रामकिशन, रामपाल ने बताया कि मई के प्रथम सप्ताह काम चला था । उस मस्टररोल में एक भी श्रमिक सहरिया समुदाय का नही था । इस मस्टररोल में अन्य समुदाय के श्रमिक ही इस मस्टररोल में थे । उंन्होने कहा कि सहरिया समुदाय के लिए अलग से मस्टररोल चलना चाहिए । और मेठ भी हमारे समुदाय का ही हो । इसी तरह पठारी व सांधरी में भी मनरेगा का का काम बंद है । उंन्होने बताया कि काफी समय से काम बंद है । पठारी निवासी रंगी सहरिया, अमरलाल, नाथू, गंगाराम, दर्शन ने बताया कि गांव लोगो ने मिलकर एक कुआ खोदा है । अगर मनरेगा के तहत इस कुएं को गहरीकरण के लिए मस्टररोल चल जाये तो लोगो को रोजगार भी मिल जाएगा और पीने के लिए पानी का स्थायी समाधान हो जाएगा । उंन्होने साथ ही यह भी कहा कि काम तो सहरिया समुदाय के लोग करते है । अन्य समुदाय के लोग फालतू बैठे रहते है । इस कारण कम मजदूरी मिलती है । उंन्होने समुदाय की मस्टररोल व मेठ लगाने की मांग की है । इस सम्बंध में कसबनोनेरा ग्राम पंचायत सरपंच राजू खंगार ने बताया कि रानीपुरा के मनरेगा श्रमिकों के लिए ग्रेवल रोड का प्रस्ताव बनाकर भेज रखा है । मगर अभी तक भी प्रस्तव स्वीकृत नही होने के कारण इनको रोजगार देने में दिक्कत हो रही है । जैसे ही प्रस्ताव स्वीकृत होकर आएगा इनको रोजगार दे दिया जावेगा ।

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