प्रदेश के अस्थिरोग चिकित्सक ईलिजरोव तकनीक से रूबरू हुए

देश के प्रमुख ईलिजरोव विशेषज्ञों ने किया साझा अनुभव और लाईव ऑपरेशन
बीकानेर 8 जुलाई। सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज ऑर्थोपेडिक विभाग, बीकानेर, एवं इंडियन रेडक्रास सोसायटी बीकानेर के संयुक्त तत्वाधान मे रविवार को पी.बी.एम. हॉस्पीटल ट्रोमा सेन्टर के सेमीनार हॉल मे हड््िडयों के ईलाज की विशेष तकनीक ईलिजरोव पर कार्यशाला का आयोजन किया गया । कार्यशाला मे देश के प्रमुख ईलिजरोव विशेषज्ञों ने अनुभव साझा किया और लाईव ऑपरेशन से प्रतिभागियों को रूबरू कराया । कार्यशाला मे देश-प्रदेश के मेडिकल कॉलेजो के 50 से अधिक ऑर्थोपेडिक रेजीडेन्टस शामिल हुए ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 भागीरथ सिंह बिजारणिया ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के विकास के साथ चिकित्सक और मरीज के मध्य विश्वास और मनोबल बनाये रखें तथा इलाज की लागत को सीमित रखे । कार्यक्रम अध्यक्ष कॉलेज प्राचार्य डॉ0 आर0पी0 अग्रवाल ने कहा कि इस कार्यशाला से रोगियांे और चिकित्सकों को नई दिशा मिलेगी । उन्होने कहा कि बीमारियों और उनके नये इलाज के प्रति जन जागरण की आवयकता है । विशिष्ठ अतिथि भारत स्काउट गाईड की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ0 विमला मेघवाल ने कहा कि कार्यशाला के प्रशिक्षण का लाभ जन जन तक पहुंचाना चाहिये । अस्थिरोग विभागाध्यक्ष सीनियर प्रो0 डॉ0 बी0 एल0 खजोटिया ने हडिडयों के इलाज की तकनीक इलीजरोव की जानकारी दी । कार्यशाला मे वडोदरा गुजरात के ईलिजरोव सर्जन डॉ0 अजित के. पाटिल ने देश में इलीजरोव तकनीक की स्थिति पर प्रकाश डाला । दाहोद गुजरात के डॉ0 अमर सोनी ने कहा कि यह तकनीक हडिडयों को लम्बा करने में कारगर है । राजस्थान ऑर्थोपेडिक सर्जन्स एसोशियेसन, जयपुर के सचिव डॉ0 जयन्त सेन ने कहा कि इस तकनीक से रोगियों को प्रक्रियागत लाभ मिलेगा । । सोसायटी के उपाध्यक्ष डॉ0 तनवीर मालावत ने कहा कि यह चिकित्सा तकनीक बीकानेर के चिकित्सा जगत में नवाचार है । इंडियन रेडक्रास सोसायटी के सचिव विजय खत्री ने स्वागत उदबोधन प्रस्तुत किया
कार्यक्रम में वरिष्ठ अस्थिरोग विशेषज्ञ डॉ0 आर0 पी0 एस0 तोमर, वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ0 दिनेश सोढी, समाजसेवी डॉ0 श्योदान सिंह मेघवाल, लेखक अशफाक कादरी, फिल्मकार मंजूर अली चंदवानी सहित गणमान्य उपस्थित थे । कार्यक्रम में डॉ0 प्रताप सिंह, डॉ0 आर0 पी0 लोहिया, डॉ0 सुरेन्द्र चोपडा ने अतिथियों का स्वागत किया ।

कार्यशाला में इलीजरोव तकनीक पर व्याख्यान
ऑर्थोपेडिक विभागाध्यक्ष एवं ट्रोमा सेन्टर प्रभारी डॉ0 बी.एल. खजोटिया ने बताया कि कार्यशाला मे अतिथि ईलिजरोव सर्जन डॉ0 अजित के. पाटिल, डॉ0 अमर सोनी, डॉ0 जयन्त सेन ईलिजरोव तकनीक पर प्रोजेक्टर के माध्यम से रूबरू कराया । विशेषज्ञ चिकित्सकों ने इलीजरोव तकनीक के इतिहास, सिद्धान्त, साधन, उपकरण, चुनौतियों पर प्रकाश डाला ।
बीकानेर के मधुसूदन के दुर्घटनाग्रस्त पैर का लाईव आपरेशन
इंडियन रेडक्रास सोसायटी के सचिव विजय खत्री ने बताया कि कार्यशाला में कार दुर्घटना में घायल हुए 40 वर्षीय मधुसूदन के फ्रेक्चर्स के कारण संक्रमित पैर का लाईव ऑपरेशन किया गया । जिसका प्रसाारण सेमिनार हॉल मंे किया गया । अतिथि सर्जन डॉ0 अजीत के0 पाटिल, डॉ0 अमर सोनी के साथ विभागाध्यक्ष सीनियर प्रो0 डॉ0 बी0 एल0 खजोटिया, डॉ0 सुरेन्द्र चोपडा, डॉ0 संजय तंवर, निश्चेतन विभाग की प्रो0 डॉ0 सोनाली धवन, डॉ0 किवी मंटन की टीम ने कार्यशाला में इस लाईव ऑपरेशन में संक्रमण से गली हडडी को हटाकर शिकंजे व वायर लगाकर ऑपरेशन किया । चिकित्सकों के अनुसार इस तकनीक से रोगी की हडडी सामान्य अवस्था में आ जाएगी । नर्सिंग इंचार्ज राजविन्दर के साथियों ने सहयोग किया ।
राज्य से बाहर के चिकित्सक भी शामिल हुए
विजय खत्री ने बताया कि कार्यशाला में नई दिल्ली, फरीदकोट, जालौन, जयपुर, उदयपुर, पाली, बीकानेर सहित अनेक स्थानों से चिकित्सकों ने ईलिजरोव उपकरण के तारों से कृृत्रिम हड््िडयों पर अभ्यास किया । विशेषज्ञ चिकित्सकों ने प्रतिभागी चिकित्सकों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए जिज्ञासाओं का समाधान किया । एस0 एच0 पितकर ऑर्थाे टूल्स के उमेश कुंवर ने कार्यशाला में उपकरण एवं हडिडयों के मॉडल उपलब्ध कराये, जिन पर प्रशिक्षण दिया गया।
ट्रोमा सेन्टर के अतिरिक्त प्रभारी डॉ0 बी0 एल0 चोपडा ने धन्यवाद ज्ञापित किया । मंच संचालक ज्योति प्रकाश रंगा ने पीबीएम ट्रोमा सेन्टर की विकास यात्रा एवं उपलब्धियों पर प्रकाश डाला ।

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