पशु-पक्षी जिस भागवत के श्रवण से मुक्ति पा लेते हैं तो मनुष्य क्यों नहीं

मृत्यु को सुधारने का सबसे श्रेष्ठ माध्यम है भागवत जिसका श्रवण करें- उत्तम स्वामी महाराज
परमात्मा से घनिष्ठता फलदाई- उत्तम स्वामी महाराज
भागवत कथा के चौथे दिन उत्तम स्वामी महाराज ने दिए प्रवचन

नेशनल हाइवे आठ पर धर्मनगरी मियाला में आयोजित हो रही सात दिवसीय भागवत कथा के चौथे दिन उत्तम स्वामी महाराज ने प्रवचन के दौरान भागवत कथा के श्रवण से होने वाले लाभ बताते हुए विष्णु प्राप्ति का मार्ग बताया। भागवत के महत्व को बताते हुए कहा कि भागवत के श्रवण से पशु-पक्षी भी मुक्ति पा जाते हैं तो मनुष्य श्रवण कर ले तो स्वर्ग के समान लाभ मिलता है। राजनेताओं के नाम से धौंस जमाने से बेहतर है ,राम नाम के सुमरिन से राम नारायण की धौंस जमाये ,तो बेहतर जीवन जिया जा सकता है। वर्ष के 350 दिन गृहस्थ में बिताए पर 15 दिन भगवान के सुमिरन में लगाएं तो जीवन सफल हो सकता है। इस अवसर पर उत्तम स्वामी महाराज के मुखारविंद से अनामिल की कथा , जड़ भरत की कथा, शिव विवाह, प्रह्लाद की कथा, मोहिनी अवतार कथा, वामन अवतार कथा, मत्स्य अवतार कथा, तथा श्री कृष्ण जन्मोत्सव की झांकी निकालते हुए प्रवचन दिए। इस अवसर पर आयोजन समिति के हीरालाल चंदेल, जयेन्द्रसिंह रावत के परिवारजनों सहित रामबाबा त्यागी, विश्व हिंदू परिषद ब्यावर के सह परियोजना प्रमुख पृथ्वी सिंह भोजपुरा, मण्डावर सरपंच प्यारी कुमारी, डूंगाजी का गांव सरपंच भूपेंद्र सिंह , कालू मालवीय, मंडल अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह, लक्ष्मण सिंह ठिकरवास, तोलु सिंह आडावाला, दिनेश शर्मा आमेट, पटवार संघ जिलाध्यक्ष मिट्ठू सिंह, पुष्पा टांक, लूम्बसिंह मंडावर, मंजू तिवारी, जसवंत सिंह मण्डावर, अजमाल सिंह कामलीघाट, जितेंद्र सिंह बरार समेत मगरा क्षेत्र के हजारों नर नारी मौजूद थे। संचालन नयनेश जानी बांसवाड़ा ने किया।

अखिल भारतीय कवि सम्मेलन 14 को
भागवत कथा आयोजन स्थल पर 14 सितम्बर हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में रात्रि आठ बजे से अखिल भारतीय कवि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। आयोजन समिति के जयेंद्र सिंह रावत ने बताया कि अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में भारत भर के विभिन्न राज्यो से वीर रस, हास्य रस, गीत , ओज व व्यंग के ख्यात नाम प्रसिद्ध राष्ट्रीय कवि भाग लेंगे।

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