दूसरे चरण में 105 गाँवों में लगी बेटी पंचायतों में हुआ 10,572 ग्रामीणों से संवाद

बीकानेर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा “बेटी पंचायत” के दूसरे चरण में जिले में 105 ग्राम पंचायतों में डॉटर्स आर प्रिशियस संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें कुल 10,572 ग्रामीणों को कन्या भ्रूण ह्त्या निषेध की मुहीम से जोड़ने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में प्रतिभावान बालिकाओं व प्रश्नोत्तरी में जवाब देने वालों को बैग व टिफिन उपहार स्वरुप दिए गए तथा शिशुओं के लिए बेबी किट्स भी वितरित किए गए। सीएमएचओ डॉ. बी.एल. मीणा ने बताया कि विशेष प्रशिक्षित 146 डेप रक्षकों द्वारा संवाद, प्रेजेंटेशन व विडियो क्लिप के माध्यम से मूलतः बेटी-बेटे को लेकर प्रचलित अंतरों को भ्रम साबित करने और मिथ्या धारणाओं को तोड़ने का प्रयास किया गया। साथ ही पीसीपीएनडीटी एक्ट की अनुपालना में हो रहे नए-नए कीर्तिमानो व मुखबिर योजना के साथ बेटियों की उपलब्धियों की चर्चा की गई। 130 डिकॉय ऑपरेशन द्वारा कन्या भ्रूण हत्यारों को सलाखों के पीछे पहुंचाने की गाथाएं जन-जन तक पहुंचाई गई। इस प्रकार कन्या भ्रूण ह्त्या मुक्त राजस्थान के लिए पूरे प्रदेश के साथ बीकानेर जिला भी “बेटी पंचायत” के रंग में रंग गया।
गुरु जंभेश्वर की पवित्र धरती मुकाम में आयोजित कार्यक्रम में स्वामी रामानंद जी महाराज द्वारा कन्या भ्रूण ह्त्या को जघन्य अपराध बताते हुए बेटी-बेटे में अंतर करने वालों की पुरजोर खिलाफत की गई। कार्यक्रम में सरपंच मुकाम रविन्द्र बिश्नोई, बीसीएमओ डॉ श्याम सुन्दर बजाज, पूर्व प्रधान गंगाराम बिश्नोई, डॉ अरविंद राजपुरोहित व दिनेश आचार्य द्वारा संबोधित किया गया।
आरसीएचओ डॉ. रमेश गुप्ता ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान बेटी बचाओ के साथ राष्ट्रीय पोषण मिशन के तहत संतुलित आहार, एनेमिया, कुपोषण, स्तनपान व विफ्स कार्यक्रमों के बारे में भी आमजन को जागरूक किया गया। सितम्बर माह को पोषण माह के तौर पर मनाते हुए एमयूएसी टेप की सहायता से बच्चों के बाजू का नाप लेकर कुपोषण चिन्हीकरण का प्रदर्शन किया गया। इस प्रकार पोषण अभियान को जन आन्दोलन का बनाने का प्रयास किया गया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रमों को सफल बनाने में ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा शिक्षा विभाग का भी सक्रिय योगदान रहा। पीसीपीएनडीटी समन्वयक महेंद्र सिंह चारण ने जानकारी दी कि कुल 105 आयोजनों में खण्ड नोखा ने सर्वाधिक 31 कार्यक्रमों में 3,687 ग्रामीणों को संवाद से जोड़ा, खण्ड श्रीडूंगरगढ़ में 15 कार्यक्रमों में 1814 ग्रामीणों को, खण्ड बीकानेर में 15 कार्यक्रमों में 1579 ग्रामीणों को, खण्ड कोलायत में 15 कार्यक्रमों में 1253 ग्रामीणों को, खण्ड लूणकरणसर में 14 कार्यक्रमों में 1101 ग्रामीणों को व खण्ड खाजूवाला में 15 कार्यक्रमों में 1138 ग्रामीणों को बेटी बचाओ मुहीम की जानकारी देकर डेप रक्षक बनने की अपील की गई। “बेटी पंचायत” के प्रथाम चरण में जिले की 93 ग्राम पंचायतों में डेप कार्यक्रम द्वारा 9,884 ग्रामीणों से संवाद किया गया था। इसके क्रमशः तीसरे व चैथे चरण में 25 व 28 सितम्बर को शेष ग्राम पंचायतों में संवाद होंगे।

हरियाणा के लोहारू पहुंचा डॉटर्स आर प्रिशियस संवाद
स्वास्थ्य विभाग के जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुशील कुमार ने दिया बेटी बचाओ का संदेश

बीकानेर/लोहारू। राजस्थान में बेटी बचाओ अभियान का पर्याय बन चुके डॉटर्स आर प्रिशियस संवाद का आयोजन लोहारू, हरियाणा के एक निजी शिक्षण संस्थान में किया गया। अपने जन्मदिन के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग बीकानेर के जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुशील कुमार ने डेप रक्षक की भूमिका निभाते हुए बेटी बचाओ का संदेश दिया। शनिवार को एस आर सरस्वती डिफेंस एकेडमी लोहारू में आयोजित संवाद में सुशील कुमार ने विद्यार्थियों को कन्या भ्रूण हत्या निषेध की इस मुहिम से जोड़ने, मुख्यतः बेटा-बेटी को लेकर होने वाले अंतर को भ्रम साबित करने और मिथ्या धारणाओं को तोड़ने का प्रयास किया। साथ ही पीसीपीएनडीटी की अनुपालना में हो रहे नित नए कीर्तिमान, मुखबिर योजना व डिकॉय ऑपरेशन की जानकारी छात्र-छात्राओं को दी। कार्यक्रम में जन अधिकार सुरक्षा मंच के विजय गुरावा द्वारा बेटा-बेटी में अंतर करने वालों की पुरजोर खिलाफत की गई। कार्यक्रम के दौरान संचालक राजेश गुरावा, सुरेश सामरिया, कमल श्योराण, कपूर उदेक व श्री संदीप सहित शिक्षकगण व विद्यार्थी उपस्थित रहे।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी
बीकानेर

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