सिन्धी अकादमी द्वारा मासिक अदबी गोष्ठी का आयोजन

जयपुर, 28 सितम्बर (वि.)। राजस्थान सिन्धी अकादमी द्वारा झालाना संस्थानिक क्षेत्र स्थित कार्यालय ’’अकादमी संकुल’’ में 28 सितम्बर, 2018 को मासिक साहित्यिक (अदबी) गोष्ठी का आयोजन किया गया।
अकादमी सचिव ईश्वरलाल मोरवानी ने बताया कि गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार श्री कन्हैया अगनानी ने की। गोष्ठी में डा.खेमचंद गोकलानी ने गजल ’’अ´ां कुझ बाकी आ’’, डा.हरि जे.मंगलानी ने कविता ’’दिल न सुजागु आहे’’, वीना करमचंदानी ने कविता ’’कहिड़ो फायदो’’, टी0आर0शर्मा ने आलेख ’’हिन्दी सिन्धी मीरनि जी हुकूमत में ऐं अंग्रेजी हुकूमत में’’, सुरेश सिन्धु ने लेख ’’सिन्धी लोक नाटक भगत’’, अजमेर के रमेश नारवानी ’’नींगर’’ ने कविता ’’प्यारो राजस्थान’’, जोधपुर की लीला कृपलानी ने कविता ’’तलाश आहे’’, टोंक के डा0किशन चंद ने कविता ’’लीलाशाह सांई’’, रमेश रंगानी ने कहानी ’’मुड्रियूं’’ लक्ष्मण पुरसवानी ने कविता ’’इंकार छा ला’’, रोमा चांदवानी ’’आशा’’ ने कविता ’’बाकी सभु ठीक आहे’’, हेमन दास ने कविता ’’केर कहिंजो कोन आहे’’, लता भारद्वाज ने कविता ’’रिश्तनि जो रंगु ऐं ढ़ग’’, डा0माला कैलाश ने कहानी ’’गूंगी माई’’, नन्दिनी पंजवानी ने कविता ’’बे बक्ताइतो’’ चन्द्रकांता पारवानी ने कविता ’’माणू’’ हेमा मलानी ने कविता ’’मुहिजी नंढड़ी भेण’’, गोपाल ने कविता ’’छा थींदो मुहिंजे देश जो’’, गोविन्द खेमचंदानी ने कहानी ’’बदलाव’’ पार्वती भागवानी ने लेख ’’पितरनि जो छा सम्मान’’ बीना प्रियदर्शना ने कविता ’’आजाद आहियां मां’’, गायत्री ने कहानी ’’अणडिठिये वतन जी याद’’, कन्हैया अगनानी ने लघु कथा ’’पुरूषार्थ’’ प्रस्तुत की।
गोष्ठी में अकादमी उपाध्यक्ष रमेश गुरसहानी, सदस्य नारी फुलवानी, किशोर मोतियानी एवं सिन्धी भाषी साहित्यकार, पत्रकार आदि उपस्थित थे।

(ईश्वरलाल मोरवानी)
सचिव

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