वैज्ञानिक अवधारणाओं को मानवीय संवेदनाओं से जोड़ते अनु जैन के कार्टून

‘कैमटूनÓ विज्ञान काटूर्नो की प्रदर्शनी का शुभारम्भ
बीकानेर। कैमिस्ट्री एसोसिएशन एवं रसायन विभाग डूंगर महाविद्यालय बीकानेर के संयुक्त तत्वाधान में आज दिनांक 3.1.2019 को रसायन विभाग गैलरी में डूंगर महाविद्यालय की मेधावी छात्रा अनु जैन के कार्टूनों की प्रदर्शनी कैमटून का शुभारम्भ डूंगर महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सतीश कौशिक एवं रसायन विभाग विभागाध्यक्ष डॉ. आर. एस. वर्मा द्वारा किया गया। रसायन विभाग गैलरी में अनु जैन द्वारा विज्ञान के सिद्वान्तों को जनमानस से जोड़ते हुए 16 कार्टून पोस्टर का सजीव प्रदर्शन किया गया। प्राचार्य डॉ. सतीश कौशिक ने उद्घाटन के बाद कैमिस्ट्री एसोसिएशन के इस प्रयास की प्रशंसा करते हुए कहा कि डूंगर महाविद्यालय में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतू विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाती है अनु जैन द्वारा बनाए कार्टून की प्रदर्शनी का आयोजन इस क्रम में नवाचार है। रसायन विभाग विभागाध्यक्ष डॉ. आर एस वर्मा ने बताया कि अनु जैन शुरू से ही प्रतिभाशाली छात्रा रही है एवं उसने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। कैमटून का अर्थ है कैमिस्ट्री से जुडे कार्टून। अनु जैन ने एमएससी के दौरान लगभग 16 कार्टूनों की एक श्रृंखला बनायी है जिसमें लैबोरेट्री से जुडी घटनाएं, कॉलेज से जुडे कार्यक्रम एवं आयोजनों तथा देश में हो रहे कुछ नवीन बदलावो को हास्यात्मक एवं व्यंग्यात्मक रूप से प्रदर्षित किया है। इस अवसर पर रसायन विभाग के डॉ. एच. एस. भण्डारी, रसायन शास्त्र की प्रोफेसर डॉ. सुरूचि गुप्ता, संयोजक मानसी जोशी ने अनु जैन के प्रायोगिक कार्य की चर्चा करते हुए कार्टून एवं प्रयोग की विचारधारा में समन्वय के बारे में बताया। कार्यक्रम में कार्टूनिस्ट डॉ. पंकज गोस्वामी ने कार्टूनों में छिपे व्यंग्यों को खोजते हुए विद्यार्थियों से भाषा एवं साहित्य पर कार्य करने का आह्वान किया। प्रदर्शनी के निर्माण एवं संचालन में पूनम कंवर, काजल चारण, पूनम महरिया, मानसी जोशी एवं पूनम यादव का योगदान रहा। 5 घंटे चली प्रदर्शनी को सैकड़ों छात्र – छात्राओं ने देखा। बीकानेर के रसायन शास्त्री डॉ. एच पी यादव, डॉ. सुषमा जैन, डॉ. सुरूचि गुप्ता, डॉ. एच एस भण्डारी, डॉ. एस एन जाटोलिया, डॉ. राजाराम, डॉ. उमा राठौड, डॉ. एस के यादव, डॉ. अनिल गुप्ता, डॉ. जे एस आचार्य, डॉ. एस के वर्मा, डॉ. गौरव चावला सहित रसायन शास्त्र विभाग डूंगर महाविद्यालय, बीकानेर के शोधार्थियों की ओर से अनु जैन के कार्टूनों की सराहना की गई। मानसी जोशी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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