गरीब और जरूरतमंद की सेवा सबसे बड़ा पुण्य का कार्य —डाॅ कल्ला

बीकानेर, 27 जनवरी। ऊर्जा एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री डाॅ. बी.डी. कल्ला ने कहा कि गुरु और माता-पिता की सेवा करना और इन की स्मृति में निशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन तथा गरीब व जरूरतमंद व्यक्तियों को आर्थिक मदद देना सबसे पुण्य का कार्य है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यों से जहां जरूरतमंद को मदद मिलती है, वही समाज के अन्य लोगों को इस तरह के कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। आमजन के लिए निशुल्क कैंप लगाकर अपनी गाढ़ी कमाई खर्च करना बड़ी बात होती है। साथ ही आमजन को राहत मिलने से होने वाली संतुिष्ट भी अपने आप में एक सेवा कार्य ही होता है।
डाॅ. कल्ला रविवार को स्वर्गीय श्रीमती सुमित्रा देवी सीताराम बिहाणी की पुण्य स्मृति में बीकानेर जिला उद्योग संघ एवं कोठारी मेडिकल सेंटर एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट की ओर से आयोजित एक दिवसीय हृदय रोग स्पाइन एवं दंत रोग के निशुल्क शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि दंत रोग के बारे में रोगी को बहुत देरी से पता चलता है ।अगर आम आदमी तंबाकू का सेवन और अन्य नशीली चीजों का उपयोग ना करें तो दंत रोग से बचा जा सकता है। साथ ही यह भी देखने में आया है कि दांतो की नियमित सफाई ना होने के कारण भी दंत रोग फैलता है।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने कहा कि स्पाइन की सर्जरी बहुत जटिल और महंगी होती है, आम आदमी को बीकानेर में यह सुविधा निशुल्क मिलना एक नेक कार्य है। निशुल्क कैंप के माध्यम स्पाइन की सर्जरी होने से इसका फायदा स्थानीय लोगों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस कैंप में डाॅ. बिहाणी ने अपने पूरे परिवार के साथ जो सेवाएं दे रहे है ,यह अपने आप में एक अनूठी मिसाल है। पूरे परिवार द्वारा माता-पिता की स्मृति में शिविर लगाकर गरीब और जरूरतमंद को फायदा पहुंचाया है, ये साधुवाद के पात्र है।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा राज्य मंत्री भंवर सिंह भाटी ने कहा कि इस तरह के शिविरों से गरीब और जरूरतमंद को फायदा मिलता है। शिविर में परामर्श से लेकर दवा व शल्यक्रिया फ्री की जाएगी। इससे बीकानेर तथा आस-पास के गांव के लोगों को फायदा मिलेगा।
इस अवसर पर डॉ नंदकिशोर आचार्य ने कहा कि सेवा आत्मा का सौंदर्य है, सेवा से बड़ा कोई कार्य व धर्म नहीं है। उन्होंने कहा कि आज पूरे विश्व में जब किसी देश की रैंकिंग की बात आती है तो वहां की शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को देखा जाता है कि उस देश की चिकित्सा तथा शिक्षा सेवा आधुनिक है या नहीं। इस शिविर में भी आधुनिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो रही है। आज के दौर में निशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाना अपने आप में एक बड़ी बात है। आजकल लोग चिकित्सा को भी सेवा की जगह व्यवसाय की तरफ देखने लगे हैं। ऐसे में निशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन करना सराहनीय कार्य है।
विशाल निशुल्क चिकित्सा शिविर के आयोजन सचिव डॉ. विनोद बिहाणी ने बताया कि शिविर में कुल 191 रोगियों की जांच की गई, जिनमें स्पाइन के 75, दंत रोग 89 तथा हृदय रोग से पीड़ित 27 व्यक्तियों का पंजीयन किया गया। इनमें से जिसकी जरूरत होगी उनकी चिकित्सा सोमवार को कोठारी अस्पताल में निशुल्क की जाएगी। आयोजन सचिव ने बताया कि स्पाइन सर्जरी डॉ मोहित बिहाणी द्वारा की जाएगी। डॉ मोहित ने जर्मनी व आंध्र प्रदेश में अपनी शिक्षा ग्रहण की है। रोगी की एमआरआई ,खून की जांच, ईसीसी तथा ऑपरेशन के दौरान लगाए जाने वाले उपकरण आदि निरूशुल्क होंगे। बिहाणी ने बताया कि आज आने वाले रोगियों की हड्डी की जांच बीएमडी मशीन तथा ड्यूल एक्स रे मशीन के माध्यम से की गई थी।
शिवरतन थानवी की 100 पुस्तकों का वितरण
शिविर के दौरान बीकानेर के वरिष्ठ लेखक स्वर्गीय शिवरतन थानवी की दो पुस्तकें ‘भारत में सुकरात तथा सामाजिक विवेक की शिक्षा’ की 100 पुस्तकें निरूशुल्क वितरण की गई। वितरण का कार्य डॉक्टर नंदकिशोर आचार्य द्वारा प्रारंभ किया गया। उन्होंने ने प्रथम पुस्तक कला संस्कृति मंत्री डाॅ. कल्ला को तथा उच्च शिक्षा राज्य मंत्री भाटी को भेंट की। डॉ विनोद बिहाणी ने बताया कि इन किताबों का वितरण प्रदेश की महाविद्यालयों में भी करवाया जाएगा । चिकित्सा शिविर के दौरान कार्य में योगदान देने वाले विभिन्न लोगों को डॉक्टर बी डी कल्ला, भंवर सिंह भाटी, नंदकिशोर आचार्य द्वारा सम्मानित किया गया किया गया।

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