शहरी पीएचसी व डिस्पेंसरियों की स्वाइन फ्लू को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित

बीकानेर। स्वाइन फ्लू पर जल्द से जल्द पूर्ण नियंत्रण के लिए हर स्तर पर कमियां ढूंढकर उन्हें दूर करने की कवायद जारी है। इस क्रम में निदेशालय जयपुर के संयुक्त निदेशक ग्रामीण स्वास्थ्य डॉ. सुनील सिंह द्वारा मंगलवार को समस्त शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों व डिस्पेंसरियों के स्वाइन फ्लू प्रबंधन की समीक्षा की गई। उन्होंने सभी चिकित्साधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि उनके क्षेत्र में निकलने वाले प्रत्येक स्वाइन फ्लू पॉजिटिव केस के घर रैपिड रेस्पोंस टीम के साथ वे व्यक्तिशः पहुंचकर गतिविधियों का पर्यवेक्षण करेंगे। स्वाइन फ्लू जैसे संवेदनशील मामलों में सिर्फ स्टाफ के भरोसे रहने की बजाय स्वयं कमान संभालें क्योंकि हर केस और मौत की जिम्मेदारी क्षेत्र के चिकित्साधिकारी की तो बनती ही है। सीएमएचओ डॉ. बी.एल. मीणा द्वारा यूपीएचसी के सर्वे दलों की सर्वे गुणवत्ता पर सवाल उठाने पर डॉ. सिंह ने पब्लिक हेल्थ मैनेजरों को सर्वे दलों द्वारा किए गए घर-घर सर्वे का पार सत्यापन करने और बी केटेगरी के समस्त मरीजों का फोलो अप करने के निर्देश दिए। नया बी केटेगरी का मरीज मिलने पर पीएचएम उन्हें टेमी फ्लू भी देंगे। बैठक में डिप्टी सीएमएचओ (स्वास्थ्य) डॉ. इंदिरा प्रभाकर, बीसीएमओ डॉ. अनिल वर्मा, एपिडेमियोलोजिस्ट नीलम प्रताप सिंह, एनयूएचएम सलाहकार नेहा शेखावत, डॉ. एम. अबरार पंवार, डॉ. दिनेश बिनावारा, डॉ. रेखा श्रीवास्तव, डॉ. वैभव पंवार, डॉ. एम.ए. दाऊदी, डॉ. गौरव जोशी, डॉ. आर.के. गुप्ता सहित समस्त शहरी पीएचसी प्रभारी व पीएचएम शामिल हुए। डॉ. सिंह बुधवार को शहरी क्षेत्र के प्रमुख होटल, सिनेमाघर व समस्त एएनएम की बैठक भी लेंगे।

हाथ मिलाना छोड़ें, करें नमस्कार
राज्य नोडल अधिकारी आई.डी.एस.पी. डॉ. सुनील सिंह व सीएमएचओ डॉ. बी.एल. मीणा द्वारा स्वाइन फ्लू के प्रति जनजागरण सम्बन्धी स्टीकर का विमोचन कर जिले मे वितरण शुरू किया गया। जिला आई.ई.सी. समन्वयक मालकोश आचार्य ने बताया कि स्टीकर में नवाचार करते हुए हाथ मिलाने की परम्परा की बजाय नमस्कार जैसे अभिवादन अपनाने को प्रोत्साहित किया गया है ताकि वायरस एच 1 एन 1 के संक्रमण से बचा जा सके। जिले में मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, समस्त सीएचसी-पीएचसी व उपस्वास्थ्य केंद्र तक बैनर लगवाए गए हैं। साथ ही होर्डिंग, पम्फलेट, माईकिंग व विभिन्न जनसंचार माध्यमों द्वारा सघन जागरूकता अभियान जारी है। स्टीकर का उपयोग शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के विशेष भीड़ वाले स्थानों पर लगाकर आमजन को बचाव का सन्देश दिया जाएगा।

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