एसकेआरएयू में 19वीं कुलपति चल वैजयंती खेलकूद प्रतियोगिता शुरू
बीकानेर, 27 फरवरी। स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के शैक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के तत्वावधान् में 19वीं कुलपति चल वैजयंती खेलकूद प्रतियोगिता बुधवार को शुरू हुई।
विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कार्यालय प्रांगण में आयोजित उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. विष्णु शर्मा ने शैक्षणेत्तर कर्मचारियों को विश्वविद्यालय की रीढ बताया तथा कहा कि कर्मचारी खेलकूद प्रतियोगिता में पूरे जोश के साथ भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि खेल हमें अनुशासन एवं नियमों की पालना की सीख देते हैं। कर्मचारी इस भावना को अपनी कार्यशैली में उतारें। अपने दायित्व को समझें और पूर्ण निष्ठा एवं ईमानदारी से विश्वविद्यालय के विकास में सकारात्मक योगदान दें। उन्होंने कहा कि महिला कार्मिकों के लिए इनडोर खेलकूद प्रतियोगिताएं आयोजित करवाई जाएं। जिससे उन्हें भी ऐसे आयोजनों में भागीदारी का मौका मिल सके।
कुलसचिव ताज मोहम्मद राठौड़ ने कहा कि तनावमुक्त जीवन के लिए खेलकूद अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विश्वविद्यालय में हर सप्ताह कम से कम एक दिन खेलकूद स्पर्धाओं के आयोजन का सुझाव दिया तथा कहा कि इससे प्रतिभाओं को अवसर मिलेगा। साथ ही कार्मिकों में नई ताजगी का संचार होगा। वित्त नियंत्रक बी. एल. सर्वा ने खेल भावना के साथ खेलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हार-जीत सिक्के के पहलू हैं। इससे घबराए बिना सकारात्मक प्रतिस्पर्धा के साथ खेलें।
प्रसार शिक्षा निदेशक डाॅ. एस. के. शर्मा ने कहा कि आज के दौर में खेलों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए। इससे शरीर स्वस्थ रहता है तथा बीमारियों से बचा जा सकता है। कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डाॅ. आई. पी. सिंह ने कहा कि जीत का घमंड और हार का मलाल नहीं हो। खेल भावना सर्वोपरि होनी चाहिए। भूसदृश्यता और राजस्व सृजन निदेशालय के निदेशक डाॅ. सुभाष चंद्र ने कहा कि हार से भी सीखने के अवसर मिलते हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर को प्लास्टिक मुक्त बनाने का आह्वान किया।
छात्र कल्याण निदेशक डाॅ. वीर सिंह ने कहा कि खेलों से सोच का दायरा बढ़ता है और भावनाओं का विकास होता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए शैक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रतनसिंह शेखावत ने बताया कि प्रतियोगिता के लिए 9 टीमों का गठन किया गया है। इसमें कुल 253 कर्मचारी भाग ले रहे हैं। दो मार्च तक चलने वाली प्रतियोगिता में फुटबाल, वालीबाल, बास्केटबाल, कबड्डी, टेबल टेनिस, रस्सा कस्सी, लम्बी-ऊंची कूद, दौड़, कैरम, शतरंज, बैडमिंटन, गोला फैंक और क्रिकेट के मुकाबले होंगे। कार्यक्रम का संचालन महावीर प्रसाद तिवाड़ी ने किया।
इससे पहले अतिथियों ने दीप प्रज्जवलन कर प्रतियोगिता की शुरूआत की। कुलपति प्रो. शर्मा ने ध्वजारोहण किया। एनसीसी तथा 9 टीमों के खिलाड़ियों ने मार्चपास्ट किया। इसके बाद प्रतियोगिता की शुरूआत की औपचारिक घोषणा की गई तथा कुलपति ने खिलाड़ियों को खेल नियमों की पालना की शपथ दिलाई। उद्घाटन समारोह के दौरान पुलवामा के आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
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आमजन खरीद सकेंगे जैतून और बाजरे के मूल्य सवंर्धित उत्पाद
एसकेआरएयू स्थापित करेगा विक्रय केन्द्र, कुलपति प्रो. शर्मा ने दिए निर्देश
बीकानेर, 27 फरवरी। आमजन जल्दी ही जैतून की चाय, बिस्किट, केक, अचार तथा बाजरे सहित अन्य मूल्य संवर्धित उत्पाद खरीद सकेंगे। इसके लिए स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विक्रय केन्द्र स्थापित किया जाएगा।
कुलपति प्रो. विष्णु शर्मा ने बुधवार को विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर जैतून उत्पादों की स्टाल के उद्घाटन के दौरान इसके लिए स्थान चिन्हित करने के निर्देश दिए। प्रो. शर्मा ने कहा कि जैतून और बाजरे के मूल्य संवर्धित, पौष्टिक और गुणों से भरपूर उत्पाद आमजन तक पहुंचे, इस दिशा में कार्य किया जाए। आमजन को इनकी खूबियां बताई जाएं। जिससे इनकी मांग तथा रोजगार के अवसर बढ़ें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना तथा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना आदि के माध्यम से समय-समय पर प्रशिक्षण आयोजित किए जाते हैं। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षणार्थियों को इन उत्पादों की मार्केटिंग के बारे में बताया जाए।
डाॅ. विमला डुकवाल ने बताया कि विश्वविद्यालय के खाद्य एवं पोषण विभाग द्वारा आरकेवीवाई के तहत जिले के विभिन्न क्षेत्रों के स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को ‘जैतून उद्यमी एवं कौशल विकास प्रशिक्षण’ दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान इन्हें जैतून के विभिन्न मूल्य संवर्धित उत्पाद बनाना सिखाया गया। इस अवसर पर निदेशक छात्रकल्याण डाॅ. वीर सिंह, कृषि महाविद्यालय की अधिष्ठाता डाॅ. दीपाली धवन, भू-सदृष्यता एवं राजस्व सृजन निदेशक डाॅ. सुभाष चंद्र आदि मौजूद रहे।