सरकार मजदूर आंदोलन का सामना करने के लिए तैयार रहें – लक्ष्मण बडेरा

लक्ष्मण बडेरा
सरकार श्रमिक कल्याण की योजनाओं में बजट उपलब्ध करावें यह बात कमठा मजदूर यूनियन बाड़मेर के अध्यक्ष लक्ष्मण बडेरा ने राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत श्रम मंत्री टीकाराम जूली को भेजें ज्ञापन में मांग की है लक्ष्मण बडेरा ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि जब से नई सरकार राजस्थान में आई है उसके बाद राजस्थान के दस लाख पंजीकृत मजदूरों को श्रम कल्याण की योजनाओं के तहत श्रमिकों को लाभान्वित करने हेतु बजट देना बंद कर दिया लक्ष्मण बडेरा ने आरोप लगाया कि मजदूरों को योजनाओं के लाभ से वंचित करने के लिए सरकार के अधिकारी रोज नित नए आदेश निकाल कर के मजदूरों को कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित कर रहे हैं यह मजदूरों के साथ में सरकार का किया गया विश्वासघाती रवैया है एक तरफ सरकार किसानों के सामने घुटने टेक कर उनके लाखों रुपए जो सरकार के बैंक से उधार लिए होते हैं उनको माफ करके फिर कर्जा देती है दूसरी तरफ मजदूरों को उनकी कल्याणकारी योजनाओं में बजट उपलब्ध नहीं करा कर मजदूरों को उसके लाभ से वंचित करती है इससे राज्य के लाखों मजदूरों में भारी आक्रोश है 2016 मैं चालू की गई शुभ शक्ति योजना के हजारों आवेदनों का अभी भी लाभ नहीं दिया गया मजदूर की मृत्यु के मामले में 15 दिन के अंदर सहायता योजना दी जानी चाहिए जो 2 साल से सहायता नहीं दी जा रही है इसी तरह मजदूरों के बच्चों को शिक्षा में छात्रवृत्ति प्रदान करने के लिए छात्रवृत्ति योजना चलाई गई थी उसके अंदर छात्रवृत्ति से वंचित किया जा रहा है श्रमिकों के प्रसूति आवेदन हजारों की संख्या में विभाग के पास पड़े है जिनका भुगतान नही किया गया है राज्य में तीस हजार करोड़ से भी ज्यादा की सहायता आवेदन श्रमिक कल्याण मंडल के पास मजदूरों को योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए पड़े है लक्ष्मण बडेरा ने कहा के पूरे राजस्थान में श्रम विभाग और श्रम विभाग के अधिकारियों की काली करतूतों के कारण मजदूरों में भारी रोष व नाराजगी है जो धीरे धीरे पूरे राज्य में राज्यव्यापी आंदोलन की शक्ल ले रहा है श्रम कल्याण की योजनाओं के बजट में राज्य सरकार के खजाने से एक रत्ती भर भी आज दिन तक सहायता उपलब्ध नहीं की यह सब लेबर सेस से एकत्रित राशि से कल्याणकारी योजनाओं का करोड़ो रुपए मंडल के पास में जमा है अधिकारी अपनी मनमर्जी से मजदूरों को योजना के लाभ से वंचित करते है और इससे सरकार को बदनामी का दंश झेलना पड़ता है इसलिए सरकार को समय रहते सचेत रहना चाहिए अन्यथा वह आंदोलन का सामना करने के लिए तैयार रहें

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