इस वर्ष चातुर्मास पाँच का होगा

उदयपुर 8/1/2020। जैन धर्मावलम्बियों के लिए वर्ष 2020 खुशखबरी लाया है। इस वर्ष चातुर्मास (वर्षाकाल) पांच महीने का होगा। इससे पूर्व पांच माह के चातुर्मास का दुर्लभ संयोग वर्ष 2012 में हुआ था। दो आश्विन होने से सीधे एक माह का इजाफा होगा।
श्रमणसंघीय मुनि डॉ. पुष्पेन्द्र ने बताया कि विक्रम संवत् 2077 के आश्विन माह कृष्ण पक्ष 3 सितंबर 2020 से अधिक पुरूषोत्तम मास शुरू होगा, जो आश्विन शुक्ला पूर्णिमा दिनांक 1 अक्टूबर तक रहेगा।
आश्विन माह हिंदू पंचांग का सातवां माह है। इस माह को क्वार भी कहा जाता है। इस मास की विशेषता है कि इसका दो तिहाई भाग पुण्य कार्यों में व्यतीत होता है। पहले पखवाड़े में पितृ पक्ष में श्राद्ध संचालित होते हैं।
चातुर्मास प्रारम्भ 4जुलाई 2020 को होगा – उन्होंने बताया कि 15 अगस्त से पर्युषण पर्व श्ुाष्रू होंगे, 22 को संवत्सरी महापर्व मनाया जयेगा। चातुर्मास समापन 29 नवम्बर को होगा।
जैन मान्यतानुसार चातुर्मास आषाढ़ शुक्ला चैदस से आरम्भ होकर कार्तिक शुक्ला पूर्णिमा तक चलता है। भारतीय मान्यताओं के अनुसार आषाढ़ शुक्ल एकादशी देवशयनी से कार्तिक शुक्ल एकादशी देवप्रबोधिनी तक चातुर्मास माना जाता है।
जैन परम्परा की मानें तो इस वर्ष दो आश्विन माह होने के कारण चातुर्मास के आयोजनों में एक माह अधिक होने की वजह से तप आराधना का समय और मिलेगा। इससे इस साल विभिन्न धार्मिक आयोजनों की अधिकता रहेगी।
अगली बार कब रहेगा चातुर्मास पांच माह का- पुष्पेनद्र मुनि ने बताया कि वर्ष 2020 के पश्चात् विक्रम संवत् 2080 में एक श्रावण मास की अधिकता रहेगी जिससे इन वर्षों में चातुर्मास पांच माह का रहेगा।

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