बीएसडीयू के स्कूल आफ एंटरप्रेन्योरशिप स्किल्स की ओर से आत्मनिर्भर भारत पर ई-क्विज का आयोजन

• आत्मनिर्भर भारत: स्ट्रेंगथन द फ्यूचर
• भाग ले सकते हैं – 15 जून, 2020 तक

जयपुर, 3 जून, 2020:
कोरोना वायरस महामारी की इस संकटग्रस्त स्थिति के दौरान जबकि दुनियाभर में मानवता पर गहरा खतरा मंडरा रहा है, ऐसे में ग्लोबल फाउंडेशन फॉर स्किल डेवलपमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप ने बीएसडीयू के स्कूल ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप स्किल्स के साथ मिलकर द एम्प्लायर्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान के सहयोग से आत्मनिर्भर भारत विषय पर ई-क्विज का आयोजन किया है।

प्रतियोगिता के बारे में
यह प्रतियोगिता हमारे माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित आत्मनिर्भर भारत अभियान के संबंध में ज्ञान के विस्तार और नागरिकों के बीच सकारात्मकता पैदा करने के लिहाज से आयोजित की जा रही है। आत्मनिर्भर भारत अभियान का उद्देश्य कोविड- 19 के कारण बुरी तरह प्रभावित आर्थिक गतिविधियों को पुनर्जीवित करना और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), कृषि, बिजली, कोयला और खनन, रक्षा और विमानन, आदि जैसे क्षेत्रों में विकास के नए अवसर पैदा करना है।

कौन भाग ले सकता है?
विभिन्न स्कूलों/कॉलेजों/विश्वविद्यालयों के छात्र, संकाय सदस्य और विभिन्न राष्ट्रों के नवोदित उद्यमी भी इस स्पर्धा में भागीदारी कर सकते हैं। प्रोफेशनल्स भी इसमें भाग लेने के लिए पात्र हैं।
अब तक 10 विभिन्न देशों के 18000 लोगों ने इसमें भाग लिया है।

पुरस्कार और प्रमाण पत्र
कर्मचारियों और छात्रों सहित अधिकतम भागीदारी करने वाले संगठनों को ग्लोबल फाउंडेशन फॉर स्किल डेवलपमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप के वार्षिक कार्यक्रम में स्पेशल सर्टिफिकेट और ट्राॅफी आॅफ अचीवमेंट से सम्मानित किया जाएगा और उनके नाम ईएआर न्यूजलैटर और वेबसाइट पर प्रदर्शित किए जाएंगे।
50 प्रतिशत से ऊपर स्कोर करने वाले सभी प्रतिभागियों को उनके पंजीकृत ईमेल पर एक ई-सर्टिफिकेट भी भेजा जाएगा।
यह प्रतियोगिता सभी के लिए निशुल्क है।
इस स्पर्धा के बारे में अधिक जानकारी और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया के लिए विजिट करेंः
https://bit.ly/2yLCz9e

बीएसडीयू के कुलपति प्रो अचिंत्य चैधरी ने कहा, ‘‘इस क्विज के माध्यम से हम नागरिकों में कोविड- 19 के बारे में जागरूकता फैलाने और सही जानकारी प्रसारित करने का प्रयास कर रहे हैं।‘‘

स्कूल आॅफ एंटरप्रेन्योरशिप स्किल्स के प्रिंसीपल प्रो. डाॅ. रवि गोयल ने कहा, ‘‘हर योगदान चाहे वो बड़ा हो या छोटा, मूल्यवान है। हम कोविड- 19 को लेकर अनुचित भय या भ्रामक जानकारियों से बचने के लिए तथ्यात्मक जानकारी फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।‘‘

एम्प्लायर्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान के प्रेसीडेंट डॉ एन के जैन ने कहा, ‘‘भारत सरकार के आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज आत्मनिर्भर भारत को लेकर जानकारी का प्रसार करने के लिए हम बीएसडीयू के साथ साझेदारी करते हुए खुशी का अनुभव कर रहे हैं।‘‘

भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी (बीएसडीयू) के बारे मेंः
2016 में स्थापित भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी (बीएसडीयू) भारत का पहला अनूठा कौशल विकास विश्वविद्यालय है, जिसे भारतीय युवाओं की प्रतिभाओं के विकास के लिए अवसर, स्थान और गुंजाइश बनाकर कौशल विकास के क्षेत्र में वैश्विक उत्कृष्टता पैदा करने की दृष्टि से उन्हें वैश्विक स्तर पर फिट बनाने के लिए कायम किया गया था। डॉ. राजेंद्र के जोशी और उनकी पत्नी श्रीमती उर्सुला जोशी के नेतृत्व और विचार प्रक्रिया के तहत नौकरी प्रशिक्षण और शिक्षा के लिए बीएसडीयू ने ‘स्विस-ड्यूल-सिस्टम’ स्विट्जरलैंड की तर्ज पर इसे स्थापित किया है। बीएसडीयू राजेंद्र उर्सुला जोशी चैरिटेबल ट्रस्ट के तहत एक शिक्षा उपक्रम है और राजेंद्र और उर्सुला जोशी (आरयूजे) समूह ने इस विश्वविद्यालय को 2020 के आखिर तक 36 कौशल स्कूलों को स्थापित करने के लिए 500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है।
विचार, कौशल विकास की स्विस प्रणाली को भारत में लाने का था, इस तरह भारत में आधुनिक कौशल विकास के जनक डॉ. राजेंद्र जोशी और उनकी पत्नी श्रीमती उर्सुला जोशी ने 2006 में स्विट्जरलैंड के विलेन में ’राजेंद्र एंड उर्सुला जोशी फाउंडेशन’ का गठन करते हुए इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया। बीएसडीयू का उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाली कौशल शिक्षा को बढ़ावा देना और सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, एडवांस डिप्लोमा और स्नातक, स्नातकोत्तर, डॉक्टरेट और विभिन्न कौशल के क्षेत्र में अनुसंधान के लिए पोस्ट-डॉक्टरेट की डिग्री देते देते हुए ज्ञान की उन्नति और प्रसार करना है।
भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी (बीएसडीयू) के बारे मेंः
2016 में स्थापित भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी (बीएसडीयू) भारत का पहला अनूठा कौशल विकास विश्वविद्यालय है, जिसे भारतीय युवाओं की प्रतिभाओं के विकास के लिए अवसर, स्थान और गुंजाइश बनाकर कौशल विकास के क्षेत्र में वैश्विक उत्कृष्टता पैदा करने की दृष्टि से उन्हें वैश्विक स्तर पर फिट बनाने के लिए कायम किया गया था। डॉ. राजेंद्र के जोशी और उनकी पत्नी श्रीमती उर्सुला जोशी के नेतृत्व और विचार प्रक्रिया के तहत नौकरी प्रशिक्षण और शिक्षा के लिए बीएसडीयू ने ‘स्विस-ड्यूल-सिस्टम’ स्विट्जरलैंड की तर्ज पर इसे स्थापित किया है। बीएसडीयू राजेंद्र उर्सुला जोशी चैरिटेबल ट्रस्ट के तहत एक शिक्षा उपक्रम है और राजेंद्र और उर्सुला जोशी (आरयूजे) समूह ने इस विश्वविद्यालय को 2020 के आखिर तक 36 कौशल स्कूलों के साथ स्थापित करने के लिए 500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है।
विचार, कौशल विकास की स्विस प्रणाली को भारत में लाने का था, इस तरह भारत में आधुनिक कौशल विकास के जनक डॉ. राजेंद्र जोशी और उनकी पत्नी श्रीमती उर्सुला जोशी ने 2006 में स्विट्जरलैंड के विलेन में ’राजेंद्र एंड उर्सुला जोशी फाउंडेशन’ का गठन करते हुए इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया। बीएसडीयू का उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाली कौशल शिक्षा को बढ़ावा देना और सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, एडवांस डिप्लोमा और स्नातक, स्नातकोत्तर, डॉक्टरेट और विभिन्न कौशल के क्षेत्र में अनुसंधान के लिए पोस्ट-डॉक्टरेट की डिग्री देते देते हुए ज्ञान की उन्नति और प्रसार करना है।

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