राजस्थान मत्रांलयिक कर्मचारी परिषद के प्रदेष अध्यक्ष अनूप सक्सैना ने कहा कि राज्य सरकार की बजट घोषणा अनुसार कर्मचारियो को संगठन की मांग पर केन्द्र की तर्ज पर कैसलेस चिकित्सा सुविधा मुहियाॅं कराने का वित विभाग द्वारा नोटिफिकेषन तो जारी कर दिया गया किन्तु आज तक राज्य कर्मचारियो को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है इससे लगता है कि सरकार कर्मचारियो के प्रति गंभीर नहीं है ।
परिषद के प्रदेष कार्यकारी अध्यक्ष महेन्द्र कुमार तीर्थाणी ने कहा कि राज्य की कैसलेस चिकित्सा योजना का सरलीकरण किया जावे वर्तमान में राज्य सरकार द्वारा कर्मचारियो को इस योजना में पजिंकरण हेतु जनाधार कार्ड को अनिवार्य किया गया है बिना जनाधार कार्ड के इस योजना में पंजिकरण सम्भव नहीं हो पा रहा है । सरकार के पास समस्त कर्मचारियो और उसके परिवार का डाटा उपलब्ध है विगत कई बार संगठन राज्य सरकार से मांग करता रहा है कि कर्मचारियो के लिये जनाधार कार्ड की अनिवार्यता को समाप्त किया जाकर कर्मचारियो की उसकी एम्प्लाई आई0डी से पंजिकरण का विकल्प दिया जावें ताकि कर्मचारियो को इस संक्रमण काल में योजना का लाभ प्राप्त हो सके।
परिषद के प्रदेष महामंत्री रणधीर सिंह कच्छावा ने राज्य के मुख्यमंत्री को इस हेतु पुनः स्मरण पत्र लिख कर कर्मचारियो को एम्पलाई आईडी से पंजिकरण करने का विकल्प उपलब्ध कराने हेतु आग्रह किया है साथ ही सरकार द्वारा इस योजना में 5 लाख रूपये प्रतिवर्ष प्रति परिवार की सीमा रखी गई है जो न्यायोचित नहीं है अतः सरकार राज्य उक्त सीमा को समाप्त करे और सही मानने में कर्मचारियो को इस योजना का लाभ देवें ।
रणधीर ंिसंह कच्छावा
प्रदेष महामंत्री