वैभव ग्लोबल लिमिटेड ने शुरू किया कंपनी का अपना सौर ऊर्जा संयंत्र

अग्रणी विनिर्माण कंपनी अब चल रही है 100 प्रतिशत सौर ऊर्जा पर
जयपुर, 12 जून, 2021: दुनिया 2050 तक कार्बन नेट जीरो (कुल शून्य कार्बन उत्सर्जन) बनने की दिशा में दौड़ रही है और वैभव ग्लोबल लिमिटेड वीजीएल जैसी कंपनियों ने कार्बन उत्सर्जन को गंभीरता से लेते हुए अपना सौर ऊर्जा संयंत्र शुरू किया है, जिसे कंपनी खुद ही चला रही है। इससे बनने वाली सौर ऊर्जा ही अब कंपनी के दो प्राथमिक विनिर्माण संयंत्रों की बिजली की जरूरत पूरी करेगी। अतिरिक्त बिजली स्थानीय सामुदायिक संसाधनों में बांट दी जाएगी।
वीजीएल की सौर यात्रा 2014 में जयपुर के उसके एक विनिर्माण संयंत्रर में रूफटॉप सौर ऊर्जा पैनल लगने के साथ शुरू हुई थी। तभी से कंपनी ने कार्बन उत्सर्जन घटाने के लक्ष्यों के प्रति अपने संकल्प को बढ़ाना शुरू किया है और बीकानेर – राजस्थान में खुद के उपयोग के लिए सौर फोटोवोल्टाइक (पीवी) बिजली परियोजना आरंभ की और इस समय वह पूरी तरह परिचालन में है। ये प्रयास ऊर्जा एवं उत्सर्जन से संबंधित ग्रीनहाउस गैसों में लगातार सुधार के लिए हैं। हाल ही में जुड़े संयंत्र के साथ वीजीएल की सौर ऊर्जा क्षमता 3.23 मेगा वाट तक पहुंच गई है और कंपनी के जयपुर स्थित दो उत्पादक संयंत्रों की बिजली की 100 प्रतिशत जरूरत इनसे पूरी हो जाएगी।
वीजीएल ग्लोबल के प्रबंध निदेशक सुनील अग्रवाल कहते हैं, “यह टीम द्वारा एक अद्भुत उपलब्धि है। इनमें से प्रत्येक परियोजना प्रगति पर है। हमारी टीमें लगातार हमारे कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के लिए नए-नए तरीके खोज रही हैं। विश्व को जलवायु परिवर्तन को गंभीरता से लेने की जरूरत है। हम में से प्रत्येक आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्थायी ग्रह प्रदान करने के लिए अपनी भूमिका निभा रहा है।”
जलवायु परिवर्तऩ जल एवं कचरे की समस्याओं से निपटने पर वीजीएल का बहुत जोर है। जलवायु परिवर्तन के जोखिम कम करने की वीजीएल की रणनीति में नवीकरणीय ऊर्जा पर खास ध्यान दिया जा रहा है। कंपनी अपने सभी संयंत्रों में ऊर्जा का बेहतर से बेहतर इस्तेमाल करती है और अपने अधिक स्वच्छ एवं पर्यावरण के अधिक अनुकूल स्रोतों से ऊर्जा लेने को प्रोत्साहन देती है।

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