संशोधन की बजाए केन्द्र के कानूनों की सख्ती से पालना कराए सरकार-देवनानी

प्रो. वासुदेव देवनानी
जयपुर, 19 सितम्बर।
‘दण्ड विधि राजस्थान संशोधन विधेयक 2021’ पर बोलते हुए पूर्व शिक्षा मंत्री एवं अजमेर उत्तर विधायक वासुदेव देवनानी ने कहा कि विधेयकों में संशोधन कर केवल जुर्माना और सजा बढा देने से समस्या हल नहीं होने वाली। समस्या के स्थाई हल के लिए उसके पीछे के मूल कारण को ठीक करना होगा। सब लोग न केवल शुद्ध वस्तुएं व दवाइयां चाहते है बल्कि अशुद्ध के खिलाफ कार्रवाई हो ऐसी इच्छा भी रखते हैं लेकिन संशोधन के पीछे सरकार की नियत और व्यवस्था क्या है इस पर भी ध्यान देने की आवश्कता है। संशोधन के पीछे सरकार की नियत और व्यवस्था साफ होगी इसमें मुझे संशय है।
‘शुद्ध के लिए युद्ध’ अभियान का जिक्र करते हुए देवनानी ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से ‘शुद्ध के लिए युद्ध’ अभियान चलाया गया, जो सरकार की इच्छाशक्ति के अभाव में शुद्ध के लिए युद्ध कम पैसे के लिए युद्ध ज्यादा था। पूरे अभियान में शुद्धता की तरफ कोई ध्यान नहीं था। सैंपल लेने वाले स्टॉफ के पद 50 प्रति.रिक्त पडे हैं ऐसे में अभियान के साथ कैसे न्याय हो सका होगा यह विचारणीय प्रश्न है। प्रदेश में केवल 8 सैम्पल जांच लैब होने और स्टॉफ के अभाव में महीनों तक जॉच नहीं हो पाना एक समस्या है। जब तक रिपोर्ट आती है तब तक वस्तुओं एवं दवाइयों का उपभोग जनता कर चुकी होती है। शेष कमी चालान पेश करने में हो रही है। दोषियों के खिलाफ अधिकारियों की ओर से समय पर चालान पेश नहीं किया जाता है। सब मिलीभगत का खेल चल रहा है जिसके चलते दोषी प्रभावी लोग कानून की गिरफ्त से बाहर है।
उन्होंने कहा कि केवल जुर्माना और सजा बढाने का डर दिखाने से काम नहीं चलता। केन्द्र द्वारा बनाए हुए कानून पहले से ही कठोर और सख्त है लेकिन राज्य सरकारों की पालना कराने की इच्छाशक्ति के अभाव में वे प्रभावी नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में पहले से निर्मित कानूनों में संशोधन करने की बजाए उनकी प्रभावी पालना कराने की तरफ ज्यादा ध्यान देने की आवश्यकता है।
अजमेर नशीली और नकली दवाओं का हब
देवनानी ने कहा कि अजमेर शहर नशीली और नकली दवाओं का हब बना हुआ है। इसकी पूरी रैकेट है। सरकार व काननू की पहुॅच इस खेल में लिप्त लोगों तक नहीं है। इस अवैध कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ पिछले दिनों में एक भी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। आज आवश्यक हो गया है कि वहां इंस्पेक्टरों की संख्या बढाई जाए। तत्काल सैंपल की जांच हो और दोषियों के खिलाफ समय पर चालान पेश कर उन्हें सजा दिलाने की आवश्यकता है।

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