
भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व शिक्षा मंत्री एवं अजमेर उत्तर विधायक वासुदेव देवनानी ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पत्र-पत्र ही खेलते रहेंगे या फिर वैट घटाकर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमीकर प्रदेश की जनता को महंगाई से राहत भी देंगे? गहलोत तुष्टीकरण छोड. संतुष्टीकरण की राजनीति का दामन थामेंगे तो यह प्रदेश और कांग्रेस दोनों के लिए अच्छा होगा।
देवनानी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने दीपावली त्योहार से पहले पेट्रोल-डीजल पर वैट घटाकर देश की जनता को बडा तोहफा दिया। मोदी जी के इस कदम से जनता को काफी राहत मिली और डीजल 10 रू. व पेट्रोल 5 रूपये पहले से सस्ता जनता को मिल सका। करीब 24 राज्य व केन्द्रशासित प्रदेशों ने भी इस फैसले का अनुसरण करते हुए अपने-अपने स्तर पर पेट्रोल-डीजल पर वैट घटाकर प्रदेश की जनता को राहत दी लेकिन मुख्यमंत्री गहलोत तो पत्र-पत्र खेलने में मशगूल है। वैट कम कर डीजल-पेट्रोल सस्ता करने की बजाए मोदी जी को पत्र लिखकर प्रदेश की जनता का ध्यान डाइवर्ट करने का अनावश्यक प्रयास कर रहे हैं। ऐसा कर गहलोत भले ही अपनी पार्टी के आलाकमान का ध्यान अपनी ओर खींच थोथी वाहवाही लूट सकते हैं लेकिन प्रदेश की जनता को गुमराह नहीं कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में पेट्रोल डीजल पर वैट की दर अन्य राज्यों की तुलना में काफी ज्यादा है। राजस्थान में पेट्रोल-डीजल के भाव आसमान छू रहे हैं। इसके परिणाम स्वरूप प्रदेश में सैकडों पेट्रेल पम्प बंद हो चुके हैं, जबकि 1000 से अधिक पम्प बंद होने की कगार पर है। कांग्रेस शासित राज्य पंजाब सरकार ने अपने विज्ञापन में पेट्रोल-डीजल की कीमतों की तुलना राजस्थान की बडी कीमतों से तक कर दी है जो मुख्यमंत्री गहलोत के लिए निश्चित ही विचारणीय है। गहलोत भाजपा शासित राज्यों की ना सही लेकिन कम से कम कांग्रेस शासित राज्य पंजाब सरकार से ही सीख लेंले। उन्होंने यह भी कहा कि गहलोत पत्र-पत्र खेलना बंद कर वैट घटाकर जनता को राहत देने की तरफ ध्यान दे नहीं तो आगामी विधानसभा चुनावों में परिणाम भुगतने को तैयार रहे।