-आरटीयू कुलपति घूसकांड पर पूर्व शिक्षा मंत्री देवनानी का बयान।
-देवनानी ने गहलोत सरकार को बताया भ्रष्टाचार की जननी।
-पवित्र शैक्षणिक संस्थाओं का भ्रष्टाचार में लिप्त होना शर्मनाक।
-घूसकांड की कठोरता से हो जांच, ताकी कांग्रेस सरकार का सच आ सके सामने।

राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय (आरटीयू) कुलपति घूसकाण्ड के मामले में भाजपा नेता, पूर्व शिक्षा मंत्री एवं वर्तमान अजमेर उत्तर विधायक वासुदेव देवनानी ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। देवनानी ने कहा कि निडर होकर घूस मांगने की हिम्मत केवल एक विश्वविद्यालय का कुलपति नहीं कर सकता है। घूसकाण्ड के तार प्रदेश के तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री तक जुडे हो सकते हैं। पूरे प्रकरण की कठोरता से जाॅच होनी चाहिए ताकि कांग्रेस सरकार और उसके मंत्रियों का काल सच सबके सामने आ सके।
देवनानी ने कहा कि कांग्रेस सरकार भ्रष्टाचार की जननी है। प्रदेश में एक के बाद भ्रष्टाचार के मामलों में बडी-बडी मछलियों का पकडे जाना इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। पिछले सवा 3 सालों में ऐसा कोई दिन नहीं निकला जिस दिन प्रदेश में कोई न कोई भ्रष्टाचार के मामले में ट्रेप न हुआ हो। अब तो कुलपति जैसे लोग भ्रष्टाचार के मामलों में पकडे जा रहे हैं। पवित्र शैक्षणिक संस्थाओं से जुडे लोगों का भ्रष्टाचार में आकण्ठ तक डूबना निश्चित ही दर्दनाक एवं शर्मनाक विषय है। आरटीयू कुलपति डाॅ.रामावतार गुप्ता कल ही 5 लाख रूपए की घूस लेते रंगे हाथों पकडे गए है। इससे पहले अजमेर विश्वविद्यालय के कुलपति का भ्रष्टाचार के मामले में पकडे जाना जगजाहिर ही है।
उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटी) की एलिजिबिलिटी एवं इंजीनियरिंग काॅलेज की सीटी बढाने के मामले में केवल कुलपति सबकुछ नहीं होता। इसको लेकर केवल कुलपति घूस लेने की हिम्मत नहीं कर सकता है, लेकिन कुलपति द्वारा खुल्लमखुल्ला घूस को अंजाम देना कांग्रेस सरकार के तकनीकी शिक्षा मंत्री से इसके तार जुडे होने के पूरे-पूरे संकेत है। पूरे प्रकरण की कठोरता से जांच होती है तो दूध का दूध और पानी का पानी होना तय है।