थाथेड़ (कोटा)। ग्रामीण अंचल के युवाओं की प्रतिभा को निखारने और उन्हें मानसिक रूप से सशक्त बनाने के लिए राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, थाथेड़ में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट लोकेंद्र सेन और एम आई एस मैनेजर निर्मल सेन ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की।
सफलता के लिए ‘मेंटल टफनेस’ जरूरी: लोकेंद्र सेन
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट लोकेंद्र सेन ने कहा कि, “सफलता केवल मेहनत से नहीं, बल्कि सही मानसिक दृष्टिकोण से मिलती है।” उन्होंने युवाओं को समझाया कि असफलता के डर और तनाव को कैसे दूर कर अपनी एकाग्रता बढ़ाई जा सकती है। लोकेंद्र ने जोर देते हुए कहा कि आज के दौर में युवाओं को अपनी भावनाओं पर नियंत्रण और आत्मविश्वास विकसित करना चाहिए, ताकि वे हर चुनौती का डटकर सामना कर सकें।
सरकारी योजनाओं की दी जानकारी:
कार्यक्रम में मौजूद एमआईएस मैनेजर निर्मल सेन ने राजस्थान सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और युवा बोर्ड के कार्यक्रमों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं को बताया कि सरकार उनके कौशल विकास और स्वरोजगार के लिए किस प्रकार मदद कर रही है। उन्होंने छात्रों को इन योजनाओं से जुड़ने की प्रक्रिया समझाई ताकि ग्रामीण क्षेत्र का कोई भी मेधावी छात्र जानकारी के अभाव में पीछे न रहे।
अंत में, लोकेंद्र सेन ने छात्रों के सवालों के जवाब दिए और उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस दौरान विद्यालय का स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे।