जयपुर । अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर “पहली पोथी की नई पहल” के अंतर्गत भाभा पब्लिक स्कूल, चित्रकूट में आयोजित साहित्यिक समारोह में वरिष्ठ साहित्यकार नूतन गुप्ता के काव्य संग्रह “सुक्खी की दाई” का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में साहित्यकारों और साहित्य प्रेमियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
युवा समीक्षक मनमीत सोनी ने “युवा दृष्टि में – नूतन गुप्ता का कविता संसार” विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कृति के विभिन्न आयामों को रेखांकित किया और कहा कि इन कविताओं में स्त्री जीवन के संघर्ष, संवेदना और अनुभवों की गहरी अभिव्यक्ति दिखाई देती है। विशिष्ट अतिथि जयश्री शर्मा ने नूतन गुप्ता की कविताओं में उभरते स्त्री विमर्श एवं नारी चेतना को समकालीन साहित्य के लिए महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि रेशमा खान ने कहा कि महिलाओं की अभिव्यक्ति समाज के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है और ऐसी कृतियाँ स्त्री चेतना को सशक्त बनाती हैं। मुख्य वक्ता डॉ. बजरंग सोनी ने कृति की संवेदनात्मक गहराई और सामाजिक सरोकारों पर प्रकाश डाला।
मुख्य अतिथि डॉ. शारदा कृष्ण ने नूतन गुप्ता की रचनाशीलता की सराहना करते हुए कहा कि उनकी कविताएँ जीवन के यथार्थ और मानवीय भावनाओं को अत्यंत प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त करती हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए फ़ारूक़ आफ़रीदी ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है और ऐसी कृतियाँ समाज को अधिक संवेदनशील बनाने का कार्य करती हैं। कार्यक्रम का संचालन सुनीता बिश्नोलिया ने किया।