जयपुर । कला मंज़र सोसाइटी एवं राजगंगा मीडिया हाउस के संयुक्त तत्वावधान में पिंक सिटी प्रेस क्लब में अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस के उपलक्ष्य में ‘समावेश नृत्य उत्सव – नृत्य तरंग 2026’ का आयोजन किया गया।नन्हे कदम सोसाइटी, रोटरी क्लब जयपुर, बापू नगर एवं सरस्वती ग्रुप ऑफ प्रिंटिंग इंडस्ट्रीज़ सहयोगी संस्थाएँ रहीं।
सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए राजकुमार शर्मा (एडिटर, राजगंगा मीडिया हाउस) ने बताया कि आयोजन में मुख्य अतिथि सुश्री उषा श्री (वरिष्ठ अभिनेत्री एवं प्रख्यात नृत्य गुरु), विशिष्ट अतिथि डॉ. गीता रघुवीर (प्रख्यात वरिष्ठ कथक नृत्य गुरु) एवं सुश्री प्रेरणा श्रीमाली (प्रख्यात वरिष्ठ कथक नृत्य गुरु), विशेष अतिथि मुकेश मीणा (अध्यक्ष, पिंक सिटी प्रेस क्लब) तथा बसंत जैन बैराठी (चेयरमैन, सरस्वती ग्रुप ऑफ प्रिंटिंग इंडस्ट्रीज़) ने उपस्थित होकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
मीनाक्षी माथुर, संस्थापिका, कला मंज़र सोसाइटी ने आयोजन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस कार्यक्रम में विशेष बच्चों एवं सामान्य बच्चों ने एक साथ सहभागिता निभाई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में समावेशिता (Inclusivity) की भावना को बढ़ावा देना तथा दिव्यांगता के प्रति सकारात्मक एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना था। कला मंज़र सोसाइटी द्वारा अपने “हैंड्स टुगेदर अभियान” के अंतर्गत समाज में समावेशन, संवेदनशीलता एवं सहयोग के संदेश का विस्तार करने का सतत प्रयास किया जाता है। कार्यक्रम का मंच संचालन दूरदर्शन एवं आकाशवाणी की वरिष्ठ उद्घोषिका सुश्री शिवाली गुप्ता ने कुशलतापूर्वक किया।
आयोजन में विशेष बच्चों के कुल 7 विद्यालयों ने सहभागिता की, जिनमें श्रीनिर्मल विवेक स्पेशल स्कूल, करुणा स्पर्श स्कूल, ट्रेजर लैंड स्कूल, प्रयास स्कूल, अप्रोच ऑटिज़्म सोसायटी तथा लक्ष्य स्पेशल एजुकेशन स्कूल शामिल रहे। वहीं सामान्य बच्चों के 5 विद्यालयों/एनजीओ ने भाग लिया, जिनमें कथक कला केंद्र, मयूरा डांस क्लासेज, टैगोर पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, वैदिका इंटरनेशनल स्कूल एवं नन्हे कदम सोसायटी प्रमुख रहे। पिंकसिटी प्रेस क्लब के अध्यक्ष मुकेश मीणा ने सभी विद्यालयों, एनजीओ, संयोजकों एवं आयोजकों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम सहभागिता, संवेदनशीलता एवं समान अवसरों के मूल्यों को व्यवहार में उतारने का एक सार्थक प्रयास हैं।हर वर्ष की तरह इस बार भी JECRC NSS के विद्यार्थियों ने स्वयंसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।