सवाल वही, किरदार बदल गए

हम अक्सर कहते हैं कि सत्ता और व्यवस्था से सवाल होने चाहिए—काम समय पर क्यों नहीं हुआ? जिम्मेदार व्यक्ति पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? कानून की कमियों का फायदा उठाकर हर बार कोई न कोई कैसे बच जाता है? सवाल बहुत होते हैं, आवाज़ें भी उठती हैं, लेकिन फिर भी कुछ बदलता हुआ दिखाई नहीं … Read more

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