आम आदमी को नहीं खींच पाया गुलशा बेगम का जलवा

डिवाइन अबोड संस्था की ओर से आयोजित इंटरनेशल सूफी फेस्टिवल कहने को यूं तो कामयाब रहा, मगर मिस मैनेजमेंट अथवा कदाचित दरगाही राजनीति के कारण यह दर्शकों को तरस गया। नतीजतन इसकी कर्ताधर्ता गुलशा बेगम के खाते में तो एक बड़ा आयोजन करने की उपलब्धि दर्ज हो गई, मगर आज जनता इसका लाभ नहीं उठा … Read more