
भाभी की बातें सुन कर तेजा को विश्वास ही नहीं हुआ कि उनकी शादी हो चुकी है और वें तिलमिलाते हुए घर आ कर माँ से पूछा “ मेरी शादी कहाँ कब और किसके साथ हुई? “ माँ ने उन्हें सारी बातें बताई और कहा तुम्हारा ससुराल पनेर में रायमल जी के घर है और तुम्हारी पत्नी का नाम पेमल है| तेजा ससुराल जाने को आतुर हो गये तब तेजाजी की को उलाहना देते हुए बोली भाभी बोली अपनी दुल्हन पेमल को घर पर लाने अपनी बहन राजल को तो उसके ससुराल से ले आओ पीहर लेकर आओ औरउसके यहाँ आने के बाद पेमल को लेने जाना बाद ससुराल जाना | तेजाजी अपनी बहन राजल को लिवाने उसकी ससुराल के गाँव अजमेर के पास तबीजी से अपने ग़ाव खरनाल ले आये तेजाजी ने अपनी माँ और भाभी से पनेर जाने की इजाजत लेकर वे एक दिन सुबह ही अपनीपत्नी पेमल कोलाने के निकल पड़े अपनी ससुराल पनेर आ गये चे |