
गुरु नानक जी ने कहा था कि ईश्वर एक है और उसे पाने का तरीका भी एक है। यही सत्य है। वो रचनात्मक है और वो अविनाशी है। प्रभुजी को वो ही प्राप्त कर सकते हैं जिनमे कोई डर नहीं और जो द्वेष भाव से मुक्त है। प्रभुजी को केवल इसे की कृपा द्वारा ही प्राप्त किया जा सकता है। सभी मनुष्य एक ही हैं न कोई हिन्दू और न कोई मुसलमान। सभी एक समान हैं। आदमी को केवल वही वाणी बोलना चाहिए जो आपको सम्मान दिलाये। याद रक्खे सिर्फ वो आदमी जिसे खुद पर विश्वास नहीं है वो कभी भी ईश्वर पर पूर्ण-रूप से विश्वास नहीं कर सकता।
गुरु उपकारी है। पूर्ण शांति उनमे ही निहित है। गुरु ही तीनो लोकों में उजाला करने वाला होता है वह प्रकाश पुंज है। गुरु का सच्चा शिष्य ही ज्ञान और शांति प्राप्त करता है।