श्रीराम के वार से लंकेश परिवार हुआ खाक

असत्य पर सत्य की हुई विजय, अहंकारी रावण का हुआ दहन

श्री राम व लंकेश परिवार में युद्ध का मंचन, रावण का दहन व मौजूद शहरवासी। फोटो- सुमन प्रजापति।
श्री राम व लंकेश परिवार में युद्ध का मंचन, रावण का दहन व मौजूद शहरवासी। फोटो- सुमन प्रजापति।

ब्यावर, (हेमन्त साहू)। शहर में असत्य पर सत्य की प्रतीक दशहरा पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शुक्रवार सायं एकता सर्किल के समीप बडे रघुनाथ मंदिर से भगवान श्रीराम-लक्ष्मण और हनुमान की सवारी निकली। जो तेलियान चौपड, मेवाडी गेट, सब्जी मण्डी होते हुए कृषि मण्डी चौराहा पर रावण दहन स्थल पहुंची। मार्ग में श्रीराम की सवारी का नागरिकों द्वारा स्वागत किया गया। करीब 7 बजे श्रीराम का रावण दहन स्थल पर पहुंचकर स्वागत किया गया। इस दौरान परिषद द्वारा पाली से रेडीमेड मंगवाये गये रावण, कुंभकरण व मेघनाथ के पुतलों को खडा किया गया। श्रीराम भक्त हनुमान व रावण के बीच युद्ध हुआ। तत्पश्चात श्रीराम ने अपने तरकश से रावण पर निशाना साधकर रावण का वध किया। श्रीराम के तरकश से निकले तीर से रावण का वध होने के साथ ही नगर परिषद कर्मियों ने आतिशबाजी की। जिससे देखते ही देखते आकाश में रोशनी की बयार बहनी शुरु हो गयी। रावण दहन को देखने के लिए भारी संख्या में लोगो का जमावडा मौजुद रहा। लंकेश परिवार के दहन पश्चात यातायात पुलिस के लिए भीड को संभालना भारी पड गया। यह संभवत: प्रथम अवसर था जब परिषद द्वारा रावण परिवार के रेडिमेड पुतलों का आयात किया गया। इस मौके पर विधायक शंकरसिंह रावत, सभापति लेखराज कंवरिया, आयुक्त शशिकांत शर्मा सहित भाजपा, कांग्रेस नेता सहित शहर के प्रतिष्ठत लोग मौजुद थै। इसी तरह श्री सीमेंट परिसर मे विजयदशमी पर रावण के पुतले का दहन किया गया। श्री के अधिकारी विनय सक्सेना ने सपत्नीक वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पुजा अर्चना की। श्री परिवार ने रावन दहन के दौरान हुई सतरंगी आतिशबाजी का आनंद लिया। श्री संयुक्त अध्यक्ष संजय मेहता ने विजयादशमी के पर्व पर सभी को शुभकामनाए दी।

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