सादर जय जिनेंद्र
आर के मार्बल ग्रुप के यहां इनकम टैक्स विभाग की कार्रवाई के दौरान विभाग को क्या मिलेगा या नहीं मिलेगा यह ऐक अलग बात है मगर यह सच है कि इस भौतीक युग में सच्चे देव शास्त्र ओर गुरु के प्रति भक्ति का अनुपम उदाहरण हैं अशोक जी पाटनी व उनका परिवार जिस दिन आयकर विभाग ने आर के मार्बल ग्रुप के यहां इनकम टैक्स विभाग की कार्रवाई हुई थी उस समय मैं ओर अशोक भाई साहब व उनके सुपुत्र विनीत व बहु सुचि ओर श्रद्धा हम सब सुबह पुजन कर रहे थे दश लक्षण धर्म की पुजन चल रही थी पुजन में ऐक शलोक आया ”जीतवय जोवन धन गुमान जल बुदबुदा करि बिनय बहू गुण बड़े जन की ज्ञान का पावे उदा ” भाई साहब अपने बेटे को व बहुओं को ईसका अर्थ समझा रहे थे कि जवानी ओर धन पानी के बूलबूले के समान है जेसे बुलबुला बनता है बीगडता ऊसी तरह धन ओर जवानी येक दिन समाप्त होनी है तो इसका गुमान नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह तो बनते बिगड़ते रहते हैं और इस पुजन के बाद ही सुरेश भाई साहब ने आकर कहा कि पुजन जल्द खत्म कर लें अशोक भाई साहब ने पूछा क्यों? तब सुरेश भाई साहब ने बताया की किशनगढ़ ऊदयपुर ओर सभी जगह इनकम टैक्स विभाग की रेड पडी है उस समय अशोक भाई साहब ने कहा कि कोई खास बात नही उन्हें अपनी कार्रवाई करने दो चिंता मत करो ओर फीर पुरी पुजन ठाठ बाट से कराई उसके के बाद मुनी श्री108 प्रसाद सागर जी महाराज को पढगाहन कराया ओर सभी परिवार जनों बहुत श्रद्धा से आहार कराने के बाद आचार्य श्री व समस्त मुनी महाराज के दर्शन किये तब बाद में अशोक भाई साहब ने सुरेश भाई साहब से जानकारी ली पता चला कि करीब तीस जगहों पर आयकर विभाग ने करीब तीन सो अधिकारियों के साथ व दो सो सी आर पी के सशस्त्र बल सहित कारवाई कर रहे हैं तब अशोक भाई साहब के चेहरे पर किंचित मात्र भी सीकन नहीं आई ओर कोई बात नहीं चिंता मत करो अपने यहां गलत काम करते ही नहीं है तो डरने की कोई जरूरत नहीं है ओर विभाग को कारवाई करने में सहयोग करो ओर सब कुछ जांच कराओ ओर गलती से कुछ रह भी गया तो उसका भी टेक्स भर देगे ओर सब कुछ ले भी जायगे तो कल से नई गिनती चालू कर देगे ओर तत्पश्चात पुरा परिवार अपने सामान्य दिनों की तरह से गुरु भक्ति में लीन हो गए आचार्य श्री ने आशीर्वाद में कहा कि चिंता नहीं करो सब ठीक हो जाएगा और यह सब शुभ अशुभ करमो के फल स्वरुप होता रहता है ।
मे तो साथ में हु ओर यह सोच कर अचंभित होता है कि वर्तमान में देव शास्त्र गुरु की भक्ति की ऐसी पराकाष्ठा चतुर्थ काल में ही नहीं होती होगी
धन्य हैं अशोक भाई साहब ओर उनका परिवार
hemendra jain