बीकानेर 6 जुलाई। “वर्ल्ड जूनोटिक डे“ के अवसर पर गुरूवार को वेटरनरी विश्वविद्यालय की मेडिसिन क्लिनिक्स में निःशुल्क श्वान रेबीज टीकाकरण शिविर में 75 श्वानोें का टीकाकरण करके 50 पशुपालकों को नए टोकन आंवटित किये। 25 पुराने टोकन का नवीनीकरण किया गया। एक दिवसीय शिविर वेटरनरी कॉलेज और केनाइन वेलफेयर सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। विश्व जूनोटिक दिवस पर आयोजित गोष्ठी में वेटरनरी कॉलेज के अधिष्ठाता प्रो. त्रिभुवन शर्मा ने कहा कि पशुओं से मनुष्य में फैलने वाली बीमारियों को जूनोटिक रोग कहा जाता है। पूरे विश्व भर में इस प्रकार की करीब 150 बीमारियां हैं। इनमें रेबीज, ब्रूसेलोसिस, क्यूटेनियस लिसमैनियसिस, प्लेग, टी.बी., टिक पैरालाइसिस, गोल कृमि, साल्मोनिलोसिस जैसी बीमारियां शामिल हैं। इनमें कई बीमारियां प्राणघातक होती हैं परन्तु समय पर उपचार और इनसे बचाव किया जा सकता है। समय पर टीकाकरण से इनको रोका जा सकता है। गोष्ठी में डॉ. जे.पी. कच्छावा ने पालतू पशुओं में जूनोटिक बीमारियों पर पावर प्रजेन्टेशन दिया। विभागाध्यक्ष एवं शिविर प्रभारी प्रो. डी.के. बिहानी ने बताया कि वेटरनरी क्लिनिक्स में आयोजित इस विशेष चिकित्सा शिविर में 100 से भी अधिक श्वानपालक पहुँचे। बीमारियों से बचाव और जागरुक करने के लिए गोष्ठी का आयोजन करके श्वान पालकों को मुद्रित साहित्य का भी वितरण किया गया। शिविर में केनाइन वेलफेयर सोसाइटी के सचिव प्रो. अनिल आहूजा, प्रो. आर.के. तंवर, डॉ. दीपिका धूडिया, डॉ. एस.के. व्यास सहित स्नातकोत्तर छात्रों डॉ. जीतेन्द्र तंवर, डॉ. गौरव जैन और इन्टर्नशिप के नरेन्द्र सिंह, नरेन्द्र चौधरी, मनफूल, मयंक, नुरूल, मुकेश कुमार और ओमप्रकाश मीणा ने शिविर में सेवाएं प्रदान की। इन्डियन इम्यूनोलॉजीकल प्रा.लि., हैदराबाद ने शिविर के लिए सहयोग प्रदान किया।
दुबई केमल हॉस्पीटल के लिए राजुवास में हुआ स्काइप साक्षात्कार
डिजिटल तकनीक का साक्षात्कार में हुआ प्रयोग
बीकानेर 6 जुलाई। दुबई के केमल हॉस्पीटल में वेअरनरी विश्वविद्यालय के ऊंट चिकित्सा विशेषज्ञों की सेवाओं के लिए राजुवास में स्काइप साक्षात्कार का आयोजन किया गया है। इस साक्षात्कार के लिए पहली बार उिजिटल तकनीक का उपयोग चयन प्रक्रिया में किया गया है। वेटरनरी कॉलेज, बीकानेर की टीचिंग वेटरनरी क्लिनिकल कॉम्प्लेक्स में कार्यरत डॉ. रामवीर सिंह और डॉ. मुन्ना लाल का दुबई से स्काइप साक्षात्कार (ऑनलाइन) गुरूवार को सम्पन्न हो गया। साक्षात्कार समिति में दुबई केमल हॉस्पीटल के निदेशक डॉ. सेड्रिक चैन, अल-आईन एम्ब्रयो ट्रांसफर सेन्टर के विशेषज्ञ डॉ. अलैक्स टिन्शन व डॉ. कुलदीप कुहाड़ और दुबई केमल हॉस्पीटल के प्रबंधन सदस्य शामिल थे। उल्लेखनीय है कि दुबई के निदेशक डॉ. सैड्रिक चैन ने मई 2017 में बीकानेर आकर 5 दिन तक राजुवास के टी.वी.सी.सी. और यहां की केमल क्लिनिक में शल्य रोग चिकित्सा अनुसंधान तथा तकनीकी सुविधाओं का जायजा लिया था। उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान ही विख्यात ऊंट चिकित्सा विशेषज्ञ और राजुवास सर्जरी विभाग के प्रो. टी.के. गहलोत से इच्छुक विशेषज्ञों की सेवाएं अपने यहां लिए जाने की इच्छा जताई थी। राजुवास के इच्छुक विशेषज्ञों के बायोडाटा दुबई भिजवाए गए थे जिनमें से दो का चयन करने के लिए स्काइप साक्षात्कार आयोजित किया गया है। वेटरनरी कॉलेज के अधिष्ठाता प्रो. त्रिभुवन शर्मा ने बताया कि राजुवास के लिए अर्न्तराष्ट्रीय स्तर पर स्काइप साक्षात्कार का यह पहला अवसर है जिसे जानकर छात्रों और फैकल्टी में हर्ष की लहर व्याप्त है। महाविद्यालय के सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण बिश्नोई ने बताया कि ऊंटों की शल्य चिकित्सा में इस विभाग द्वारा किए गए महत्ती कार्यों की बदौलत आज अर्न्तराष्ट्रीय पहचान बनी है। यहां के ऊंट विशेषज्ञों की अरब देशों में मांग बढ़ी है।
समन्वयक
जनसम्पर्क प्रकोष्ठ