अब देश में ही उन कल्पन की मशीन निर्मित होगी
केन्द्रीय भेड एवं ऊन अनुसंधान संस्थान के मरु क्षेत्रीय परिसर में आज दिनांक 25.08.2017 को भेडो में मशीन द्वारा ऊन कल्पन विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन भारतीय प्रौधोगिक संस्थान, दिल्ली द्वारा किया गया। इस कार्यशाला में भारत में विकसित की गई मशीन द्वारा ऊन कल्पन का भेडो में भेडपालको के लिए प्रायोगिक प्रदर्शन भी किया गया जिससे इन मशीनो में सुधार कर इसे व्यवसायिक रुप में देश में ही उत्पादन किया जा सके । अब देश में ही उन कल्पन की मशीन निर्मित होगी। मशीन द्वारा ऊन कटाई से ऊन में गुणवता में सुधार व उत्पादन में 10ः तक वृद्वि सम्भव है देश में इन मशीनो को निर्मित होने से इसकी लागत में एक तिहायी कमी आयेगी एवं यह बाजार में लगभग रु. 40,000/- तक उपलब्ध हो सकेगी। इस अवसर पर आई.आई.टी. के प्रोफेसर आर.आर. गौड, प्रोफेसर एस.के. साह, प्रोफेसर आर. चटोपाध्याय आदि लोगो ने ग्रामिण क्षेत्र में रोजमर्रा में आने वाली कृषि एवं पशुपालन सम्बन्धित प्रायोगिक समस्याओं पर विचार विमर्श कर समाधान देने की जानकारी दी। केन्द्रीय भेड एवं ऊन अनुसंधान संस्थान के प्रभागाध्यक्ष डॉ. ए.के.पटेल ने इस अवसर पर देश में गलिचा ऊन उत्पादन व भेड पालन विषय पर व्याख्यान दिया एवं देश में निर्मित मशीन द्वारा ऊन की कटाई का प्रायोगिक प्रदर्शन भेड पालको को प्रक्षेत्र पर दिया।
इस कार्यशाला में भेड पालक, गलिचा उधोग से जुडे लोग, उरमूल ट्रस्ट, बेफ, आदि एन.जी. ओ., वैज्ञानिक, इन्जीनियर आदि ने भाग लिया। केन्द्रीय उन विकास बोर्ड के अधिकारी अनुराग पुरोहित ने भीे इस कार्यशाला में भाग लिया एवं बोर्ड की परियोजना के बारे में जानकारी दी । इस परियोजना हेतु केन्द्रीय ऊन विकास बोर्ड, जोधपुर ने आर्थिक सहायता प्रदान की। इस कार्यशाला का संचालन आई. आई. टी. के श्री राजकुमार गुप्ता ने किया एवं धन्यवाद प्रस्ताव केन्द्रीय भेड एवं ऊन अनुसंधान संस्थान के डॉ. एच. के. नरुला ने दिया।