भागवत कथा में श्रीकृश्ण के जन्म के अवसर पर गूँजे जयकारे

DSC_3399जोधपुर, चौपासनी हाऊसिंग बोर्ड स्थित सिन्धु महल में सिन्धी वेलफेयर एण्ड मेडिकल सोसायटी एवं सिन्धु महिला मण्डल की ओर से चल रही भागवत कथा में चौथे दिन रविवार को कथा वाचक कृश्ण मुरारी जी के मुखारविन्द से गजेन्द्र मोक्ष, समुन्द्र मंथन, श्रीराम जन्म व कृश्ण जन्म का वर्णन करते हुए बताया कि जब जब धरती पर पाप का भोज बढ जाता है जब भगवान को स्वंय धरती पर अवतार लेकर आना पड़ता है इा दौरान श्रीकृश्ण जन्म की सजीव झॉकी ने सभी का मन मोह लिया व श्रीकृश्ण के जयकारों ( नन्द के आनन्द भयो, जय कन्हैया लाल की ) के साथ पांडाल में पुश्प वर्शा की गई। सिन्धु महल चेयरमेन कन्हैयालाल टेवानी सहित सभी भक्तो ने आरती कर कथा को विराम दिया। सेवादारी षेरसिंह फोगाट ने बताया कि सोमवार को धूमधाम से नन्दोत्सव मनाकर श्री कृश्ण की बाल लीलाये, पूतना वध, बकासूर अंधासूर एवं कालीय मर्दन के साथ गिरीराज को 56 भोग लगाया जायेगा।
कथा प्रति दिन दोपहर 3 बजे से 7 बजे तक की जा रही है।

नारायण खटवाणी 9460601155

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