गौशाला प्रबधकों और गो सेवकों को सम्मानित किया गया

DSC_0830बीकानेर, 28 अक्टूबर। गोपाष्टमी पर्व पर शनिवार को वेटरनरी विश्वविद्यालय में आयोजित गोपालक सम्मेलन में गौशाला प्रबधकों और गो सेवकों को सम्मानित किया गया। सम्मेलन का आयोजन वेटरनरी विश्वविद्यालय, पशुपालन विभाग और राष्ट्रीय गाय आंदोलन राजस्थान के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व सिंचाई मंत्री श्री देवी सिंह भाटी ने कहा कि देशी गौवंश पालन से गांव और परिवार स्वावलम्बी बने रहे लेकिन संकर और विदेशी नस्लों के कारण देशी गो वंश पर संकट गहराता जा रहा है। देशी गो वंश की महत्ता को पुर्नस्थापित करके पंचगव्यों की उपयोगिता को लेकर कार्य करने की जरूरत है। सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बी.आर. छीपा ने कहा कि हमारी संस्कृति में गो को मां का दर्जा हासिल है। वेटरनरी विश्वविद्यालय गोपालन और गौशाला प्रबंधन के कार्यों में वैज्ञानिक और विशेषज्ञ सेवाओं के लिए सदैव तत्पर है। नगर विकास न्यास के अध्यक्ष श्री महावीर रांका ने भी विचार रखे। विशिष्ट अतिथि व्याख्यान अनन्त विभूषित जगद्गुरू कामाख्या देवी पीठाधीश्वर महामण्डलेश्वर स्वामी पंचानन गिरी महाराज ने कहा कि इस देश में गोपालन की पंरपराओं से पीछे हटने के कारण गौवंश दुर्दशा का शिकार हो रहा है। इसके लिए हम स्वंय जिम्मेवार हैं। गौवंश की रक्षा के लिए हमें अपनी सोच और चरित्र को बदलना होगा। सागर के स्वामी रामेश्वरानंद महाराज ने पंचगव्य के उत्पादों की मानव स्वास्थ्य में उपयोगिता पर प्रकाश डाला। स्वामी चन्द्रशेखर महाराज ने कामधेनू गौशाला में किए जा रहे नवाचरों की जानकारी देते हुए साहीवाल देशी गौवंश के महत्व को उजागर किया। सम्मेलन में वेटरनरी कॉलेज के अधिष्ठाता प्रो. त्रिभुवन शर्मा, पशुपालन के संयुक्त निदेशक डॉ. अशोक विज और डॉ. राजेश पारीक ने वैज्ञानिक गोपालन और गौशाला प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। इस अवसर पर श्री हिन्दु तख्त के अमित जोशी ने भी अपने विचार व्यक्त किये। सम्मेलन के संयोजक अरविन्द उभा ने सम्मानित होने वाले गौ सेवकों और गौशाला प्रबंधकों को प्रस्तुत किया। अतिथियों ने अपर्णा और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। राष्ट्रीय गाय आंदोलन राजस्थान के अध्यक्ष सूरजमाल सिंह नीमराना़ ने सभी का आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन गोपाल सिंह नाथावत ने किया। समारोह में किशन प्रजापत, अशोक उभा, अश्विनी वरेनिया, अनूप गहलोत, महैन्द्र सिंह गोदारा, अभय सिंह, महैन्द्र सिंह लखासर, चांदवीर सिंह, विशाल सिंह, रामकुमार सोलंकी, बैरीशाल सिंह, ने सहयोग प्रदान किया। इस महत्ती आयोजन में के.के.शर्मा, भगवती प्रसाद गौड़, पप्पू लखेसर, दिनेश सिंह भदौरिया, मनोज कुमार सेवग, रामलाल भोबरिया, सुरेश जोशी, सत्यनारायण स्वामी, कमल मारू, निरंजन सोनी, प्रेम छींपा, बलदेव सोनी, भवानीशंकर शर्मा आदि महानुभावों ने भाग लिया।

अभय सिंह पंवार
सचिव

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