अजमेर, 27 जुलाई। जिला कलक्टर आरती डोगरा ने शुक्रवार को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की तथा कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला कलक्टर ने पेयजल अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के तहत अजमेर शहर को 24 घण्टे में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए तीव्र गति से कार्य करें ताकि समय पर समस्त कार्य पूर्ण हो सके। उन्होंने कहा कि पेयजल प्रोजेक्ट को गति प्रदान करने के लिए सात सदस्यीय समिति का गठन किया जा चुका है। जिसमें समिति के अध्यक्ष अतिरिक्त जिला कलक्टर द्वितीय होंगे। जबकि सदस्यों में अतिरिक्त मुख्य अभियंता जलदाय, अधीक्षण अभियंता जलदाय विभाग, अधीक्षण अभियंता स्मार्ट सिटी, अधीक्षण अभियंता अजमेर नगर परिषद, अधीक्षण अभियंता अजमेर विकास प्राधिकरण तथा मुख्य लेखाधिकारी जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज होंगे। समिति के सदस्य अब इन कार्यों को तत्परता से निपटाएं।
बैठक में सिवरेज कनेक्शन, मसाला चौक, बर्ड पार्क, ओपन एयर थियेटर, ओपन एयर जिम, सुभाष उद्यान के कार्यों की समीक्षा की गई। इन कार्यों में टेण्डर प्रक्रिया तत्काल करने तथा कार्य में शीघ्रता बरतने के निर्देश दिए गए। उन्होंने निर्देश दिए कि शहर में पेयजल के लिए डाली जाने वाली पाइपलाइन की खुदाई पश्चात पाइपलाइन डालकर उस खड्डे को तत्काल भरा जाए। उन्होंने आरएसआरडीसी को पाथवे पर रैलिंग लगाने तथा सार्वजनिक निर्माण विभाग को ब्यावर गुलाबपुरा रोड एवं गौरव पथ के निर्माण कार्यों शीघ्र कराने के लिए भी निर्देशित किया गया।
बैठक में हाईड्रालिक जेसीपी मशीन क्रय करने का प्रस्ताव रखा गया वहीं बाजार में साइन बोर्ड एकरूपता से लगाए जाने के लिए भी दुकानदारों से आपसी बातचीत करने के निर्देश दिए गए। इस मौके पर नगर निगम के आयुक्त श्री हिमांशु गुप्ता, आईएएस प्रशिक्षु तेजस्वी राणा, अतिरिक्त जिला कलक्टर द्वितीय श्री अबु सूफियान चौहान, पेयजल विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री नेमाराम परिहार, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अधीक्षण अभियंता श्री अनिल जैन सहित सार्वजनिक निर्माण विभाग, आरएसआरडीसी के अधिकारीगण उपस्थित थे।
विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम
केकडी़ क्षेत्र में10 लाख के 2 कार्य स्वीकृत
अजमेर, 27 जुलाई। विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत केकड़ी विधायक एवं संसदीय सचिव श्री शत्रुघ्न गौतम की अनुशंषा पर 2 कार्याे के लिए 10 लाख रूपये की वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है ।
जिला कलक्टर आरती डोगरा ने बताया कि स्वीकृत कार्यो में ग्राम गोरधा में वार्ड नम्बर 1 बलाई मौहल्ला में खुला तिबारा निर्माण कार्य के लिए 5 लाख तथा ब्यावर रोड केकड़ी स्थित महर्षि गौतम छात्रावास में कमरा निर्माण कार्य के लिए 5 लाख रूपये की वित्तीय स्वीकृति जारी की गई।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की अधिसूचना जारी
अजमेर, 27 जुलाई। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना राजस्थान राज्य के 33 जिलों में लागू की गई है। अजमेर जिले में योजना के क्रियान्वयन हेतु टाटा ए.आई.जी. जनरल इंश्योरेन्स कम्पनी लि. का चयन हुआ है। योजना अन्तर्गत वर्ष 2018-19 में फसली ऋण लेने वाले कृषक, गैर ऋणी कृषक एवं बटाईदार कृषकों द्वारा फसलों का बीमा करवाया जा सकेगा।
कृषि उप निदेशक श्री वी.के.शर्मा ने बताया कि जिले में बाजरा, उडद, कपास,चंवला, मूंगफली, ग्वार, ज्वार, मक्का, मूंग एवं तिल फसले योजनान्तर्गत संसूचित है। फसलों का बीमा कराने के लिए अधिसूचित ईकाई क्षेत्र एवं अधिसूचित फसल के लिए जिन कृषकों को किसी वित्तीय संस्थान (सहकारी बैंक एवं सहकारी समिति क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, व्यवसायिक बैंक एवं भूमि विकास बैंक आदि) द्वारा खरीफ 2018 मौसम के लिए फसल ऋण की सीमा अनुमोदित (स्वीकृत) की गई हो तथा 31.07.2018 तक ऋण वितरित किया गया हो। ऎसे सभी कृषकों का इस योजना के अन्तर्गत बीमा करना बैंको के लिए अनिवार्य होगा। ऋणी कृषकों का प्रीमियम उनके ऋण खातों से वसूल किया जायेगा। इसी प्रकार जिन कृषकों ने कृषि ऋण स्वीकृत नहीं करवाया हो उन्हें 31 जुलाई तक नजदीकी केन्द्रीय सहकारी बैंक / क्षैत्रीय ग्रामीण बैंक/ वाणिज्यिक बैंक की शाखाओं/ अधिसूचित बीमा कम्पनी के एजेण्ट/सी.एस.सी. (कॉमन सर्विस सेन्टर) के माध्यम से संबंधित बीमा कम्पनी में निर्धारित दर से फसल बीमा हेतु प्रीमियम राशि जमा करवानी होगी। गैर ऋणी कृषक द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तोवेजों को ऑनलाइन स्कैन कर अपलोड करना अनिवार्य होगा। प्रस्तुत दस्तावेजों में आधार कार्ड की प्रति, जमीन बटाई का शपथ पत्र (बटाईदार होने पर), नवीनतम गिरदावरी की नकल, बैंक खाते के पास बुक की प्रति या खाते के रद्द चेक, बुवाई प्रमाण पत्र कृषि या राजस्व विभाग के कार्मिकों द्वारा जारी होना चाहिए। खरीफ मौसम 2018 हेतु फसलों का बीमा करवाने हेतु कृषकों को सम्बंधित बैंक/ंसंस्था को आधार क्रमांक उपलब्ध करवाना होगा।
उन्होंने बताया कि कृषक फसलों में हुए नुकसान की जानकारी बीमा कम्पनी के टोल फ्री नम्बर 18002093536 पर नुकसान के 48 घण्टे के भीतर तथा लिखित रूप से नुकसान के 7 दिवस में बीमा कम्पनी के कार्यालय में देनी होगी। यह जानकारी कृषि विभाग के नजदीकी कार्यालय में फोन से या लिखित रूप से भी देनी होगी। योजना अन्तर्गत कम वर्षा अथवा प्रतिकूल मौसमीय परिस्थितियों में बुवाई नही होने की स्थिति में, (बाधित/निष्फल बुवाई) खडी फसल (बुवाई से कटाई) में सूखा, लम्बी सूखा अवधि, बाढ, जल प्लावन, कीट एव व्याधि, भू-स्खलन में, प्राकृतिक आग एवं बिजली का गिरना, तूफान, ओलावृष्टि, चक्रवात, टाइफून, समुद्री तूफान, भंवर एवं बवंडर से होने वाले उपज में नुकसान के लिये व्यापक जोखिम बीमा में, फसल कटाई उपरांत सूखने के लिये खेत में काटकर फैलाकर छोडी गई फसल को चक्रवात, चक्रवाती वर्षा एवं असामयिक वर्षा से होने वाले नुकसान के लिये कटाई उपरांत अधिकतम 02 सप्ताह (14 दिन) की अवधि के लिए जोखिम में तथा अधिसूचित क्षेत्र के आंशिक कृषि भूमि क्षेत्र में ओलावृष्टि, भू-स्खलन एवं जलप्लावन से व्यक्तिगत आधार पर
हुए नुकसान शामिल किए गए हैंं।