मित्तल हाॅस्पिटल के कार्डियोलाॅजिस्ट डाॅ राहुल गुप्ता व नेफ्रोलाॅजिस्ट डाॅ रणवीरसिंह चौधरी ने किया उपचार
दोनों किडनी को खून सप्लाई करने वाली आर्टरी ब्लाॅक होना भी है ब्लडप्रेशर के अनियंत्रित रहने का कारण
अजमेर, 26 जुलाई( )। मित्तल हाॅस्पिटल के कार्डियोलाॅजिस्ट डाॅ राहुल गुप्ता एवं नेफ्रोलाॅजिस्ट डाॅ रणवीरसिंह चौधरी ने सेवानिवृत्त फौजी के किडनी की एंजियोप्लास्टी कर उनका ना सिर्फ ब्लड प्रेशर नियंत्रित कर दिया अपितु इसके कारण संभावित दिल व दिमाग को नुकसान के जोखिम से भी उन्हें बचा लिया।
नागौर जिले के परबतर तहसील अन्तर्गत ग्राम कुराड़ निवासी 72 वर्षीय एक सेवानिवृत्त फौजी गत कुछ समय से ब्लड प्रेशर नियंत्रत नहीं रहने तथा ब्लड में क्रिएटिनिन एवं यूरिया की मात्रा बढ़ने से पीड़ित थे। अजमेर के मित्तल हाॅस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, पुष्कर रोड पर उन्होंने नेफ्रोलाॅजिस्ट डाॅ रणवीरसिंह चौधरी से सम्पर्क किया। जांच में पता चला कि उसकी दोनों किडनी को खून की सप्लाई करने वाली नस (आर्टरी) ब्लाॅक थी। इससे मरीज की दायीं तरफ की किडनी सिकुड़ कर छोटी हो गई थी इससे मरीज का ब्लड प्रेशर नियंत्रण में नहीं आ रहा था। मरीज की बायीं किडनी को भी खून नहीं पहुंच पा रहा था।
नेफ्रोलाॅजिस्ट डाॅ रणवीरसिंह चौधरी के अनुसार क्यों कि मरीज की एक ही किडनी काम कर रही थी और उसको ज्यादा नुकसान होने की स्थिति थी इसलिए मरीज की बायीं किडनी बचाने व उसका ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने के लिए खून की सप्लाई करने वाली नस (आर्टरी) के ब्लाॅक को खोलना जरूरी समझा गया। लिहाजा मरीज को कार्डियोलाॅजिस्ट डाॅ राहुल गुप्ता के पास भेजा गया। डाॅ गुप्ता ने मरीज की एंजियोग्राफी की तो ज्ञात हुआ कि मरीज की दायीं किडनी की आर्टरी 100 फीसदी था बायीं किडनी की आर्टरी 90 प्रतिशत ब्लाॅक थी। डाॅ राहुल गुप्ता ने मरीज की एंजियोप्लास्टी कर किडनी का ब्लड फ्लो नार्मल कर दिया। इससे मरीज का 48 घंटे बाद ही ब्लड प्रेशर 110 पर आ गया। मरीज को दी जाने वाली ब्लड प्रेशर की दवाइयां पूर्व की तुलना में आधी से भी कम करनी पड़ी। हाॅस्पिटल के कार्डियोलाॅजिस्ट डाॅ राहुल गुप्ता के अनुसार मरीज अब पूर्ण स्वस्थ्य हैं और उन्हें हाॅस्पिटल से छुट्टी दे दी गई है।
लकवा व हार्ट अटैक होने पर होते हैं भर्ती-
डाॅ राहुल गुप्ता और डाॅ रणवीरसिंह चौधरी ने बताया कि सामान्य तौर पर ब्लड प्रेशर के मरीज समय पर जांच नहीं कराने व उपचार नहीं लेने के कारण लकवा होने अथवा हार्ट अटैक की स्थिति में ही चिकित्सक के सम्पर्क में आते हैं। उन्हें पता ही नहीं होता कि ब्लड प्रेशर के नियंत्रण में नहीं रहने से उनके दिल व दिमाग को कितना नुकसान हो सकता है। डाॅ रणवीरसिंह चैधरी ने बताया कि सेवानिवृत्त फौजी के किडनी की एंजियोप्लास्टी कर डाॅ राहुल ने मरीज के दिल और दिमाग को होने वाले बड़े नुकसान से सुरक्षित कर दिया है।
सन्तोष कुमार गुप्ता/प्रबन्धक जनसम्पर्क/9116049809