महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय अजमेर के योग एवं मानवीय चेतना विभाग में विश्व शांति दिवस के उपलक्ष में चल रहे तीन दिवसीय विज्ञान और अध्यात्म पर कार्यशाला का आज समापन हार्टफुलनेस संस्थान के प्रशिक्षक डॉ विकास सक्सेना द्वारा विज्ञान और अध्यात्म पर दिए गए लेक्चर से समाप्त हुआ, कि ध्यान द्वारा शरीर पर आए बदलावों को मशीनों द्वारा जांच सकते हैं परंतु ध्यान व समाधि में आए अनुभवो को मशीन द्वारा नहीं जान सकते, जैसे प्रेम का बढ़ना ,सहानुभूति , समानुभूति आदि उन्हें केवल हमअपनी डायरी में ही नोट करके शोध कर सकते हैं । अतः विज्ञान एक सीमा तक ही हमारी मदद कर सकता है और आध्यात्मिकता की कोई सीमा नहीं है।
इससे पूर्व प्रशिक्षक श्रीमती अमरिंदर मैक ने प्रतिभागियों को प्रार्थना व डायरी राइटिंग का महत्व समझाया तथा ध्यान करवाया।
डॉ. असीम जयंती देवी ने एवं डॉ. लारा शर्मा ने हार्टफुलनेस संस्थान के सभी प्रशिक्षकों एवं सहयोगीयों का आभार व्यक्त किया तथा आगे भी इसी प्रकार के सत्र लेने का अनुरोध किया।