महाराजा बिजली पासी जयन्ती मनाई -राष्ट्रीय अध्यक्ष

लखनऊ: उतर-प्रदेष की राजधानी लखनऊ में 22 दिसम्बर 2019 कार्यक्रम, लखनऊ आषियाना के बिजली पासी किले में जन्मे महान पासी योद्धा की जयंती अखिल भारतीय पासी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष आर0ए0 प्रसाद के नेतृत्व में पासी समाज को बुलाय गये-
अखिल भारतीय पासी समाज राष्ट्रीय अध्यक्ष आर0ए0 प्रसाद ने महाराजा बिजली पासी के जन्मोत्सव के पावन पर्व पर किले में लगी प्रतिमा में पुष्प अर्पितकर योद्धा पासी की चरणवीरता को नमन किया और जन्मोत्सव में आये देष भर से पासी सामज विद्ववानगणो को अतिथि का स्वागत भी किया। इस विषाल कार्यक्रम में समाज के जागरूकपुरूषो को भी बुलाया गया था। अध्यक्ष ने मीडिया को बताया कि बिजली पासी की वीरता को कोई नही भुला सकता है। महान पासी योद्धाओं का इतिहास एवं उनका किला एक पवित्र स्थान है। और देष ऐसे वीरों के बलिदान को भगवान के रूप में पूजा करते है। किले के स्तम्भ की वीरता संरक्षित,सुरक्षित किया जाये। उन्होने कहा पासी समाज एकता में बंधे रहने की ताकत की भाषा जानरहा है। देष में पासी समाज की संख्या बहुत है, परन्तु अफसोस हमारे किले दिन-पर दिन सरंक्षण के अभाव में धरोहर नष्ट हो रहा है। किले खूबसूरत करने हेतु धन का अभाव है। हमारी देष के सरकारों से यहीं मांग है किला की धरोहार ध्वस्त नही हो, इसे जल्द से जल्द बनाया जाये। पासी समाज में रोष व्याप्त रहता कि उनका देष का मुखिया क्या कर रहे है देष के पासियों के लिये !

देष को आजाद कराने हेतु सन् 1857 में क्रान्तीकारी में कितने वीर शहीदपासियों ने अंग्रेजो की बंदूक की निकली गोली अपने सीने में कितने लोगों ने खाई ?हमारे शहीद पासी समाज का इतिहास व उनकी बलिदानी पन्नों को खोलकर पढ़ो। तो आपको मालूम होगा पासियों ने देष के अजादी के लिये कितनी कुर्बानी दिया । देष के पासियों को सरकार से यही मांग है, किला को खूबसूरती आकार दिया है। भारत माता की जय।

मुख्यअतिथि परमहंस जी (पुलिस निदेकष,सी.आर.पी.एफ उत्तर प्रदेष) ने मीडिया को बताया महाराजा बिजली पासी के प्रतिमा पर पुष्प्रदान किया और समाज में अच्छे वीचार प्रकट करने से समाज में जागरूकता आती है। उन्होने कहा हमने जब से पासी वीरयोद्धाओं के इतिहास के उन पृष्ठों को पढ़ा जिसमें लखनऊ के निर्माता महाराजा लाखन पासी व बिजली पासी के वीर और कुषल नेतृत्व वाला शासनकाल था। व पासी सम्राज्य का विस्तार जाना तब से मेरे मन में बस यही ख्याल रहता था। कि अखिर वीर पासियों के इतिहास न लिखने का कार्य क्यों नही किया गया एवं इनके धरोहरों को क्यो नष्ट किया गया इसी बात की चिंता रहती है ? समाज के युवाओं को इतिहास पढ़ाया जाये जिसमें देष के पासियों के वीर गाथा व बलिदान लोगों को सदियो-सदियो तक याद रहे।

विष्वप्रसिद्ध लेखक, शोधकर्ता महान इतिहासकार राजकुमार पासी ने मीडिया को बताया कि पासी सम्राट महाराजा बिजली पासी वीर योद्धा थे और उनके 13 किले हुआ करते थे, एवं उनका शासन कार्यकाल लखनऊ परिक्षेत्र के सैकड़ो मिलो तक फैला था, ऐसे वीर साहसी की चर्चा पूरे उत्तर भारत के अलावा अन्य देषों में चर्चा हुआ करती थी। आपके कार्यकाल में जनता भयमुक्त रहती व व्यापारी अपना व्यापार निर्भीक ढ़ग से किया करते थे। इनकी वीरता की गाथा अंग्रेजो के ब्रिटिष शासनकाल के दौरान गजेटियर में लिखा गया था। और जातिवाद के अभाव में षडयंत्र के तहत पासी राजाओं के ईतिहास को छिपाया-मिटाया गया है। जिसे दिन-रात शोधकर देष की जनता व सरकार के अमल में लाने का कार्य करता हॅू।

इस अवसर पर: प्रदेष महामंत्री रेवती रमन पासी, उन्नाव, प्रदेषमहा सचिव डा.रज्जू लाल पास,उन्नाव,सहित हजारों की संख्या कार्यकता उपस्थि रहे ।

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